Taiwan China tensions : ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि ताइवान के आसपास 5 चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के पोत और 10 चीनी सरकारी जहाज देखे गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ताइवान के सशस्त्र बलों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी और जरूरत के अनुसार कार्रवाई की है. मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान ताइवान के आसपास किसी भी चीनी सैन्य विमान की गतिविधि दर्ज नहीं की गई, इसलिए पीएलए के विमानों का कोई विवरण जारी नहीं किया गया.
ताइवान ने पहले भी किया था चीनी विमान देखे जाने का दावा
एएनआई न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया कि इससे पहले भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इनके आसपास चीनी विमान और पोत देखे जाने की जानकारी दी थी. उस समय भी ताइवान की सेना ने स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक कदम उठाए थे. इसके बाद उनकी गश्ती के दौरान किसी भी चीनी सैन्य विमान की मौजूदगी नोट नहीं की गई थी.
चीन-अमेरिका की बातचीत से निकलेगा समाधान !
इस बीच, 3 जुलाई को चीन ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि अमेरिका ताइवान से जुड़े मामलों को अतिरिक्त सावधानी के साथ संभालेगा, क्योंकि इनका दूरगामी प्रभाव हो सकता है. भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग के अनुसार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में दोनों देशों के बीच आने वाली बाधाओं को दूर करने और सही दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया.
चीन का दावा- ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा
ताइवान को लेकर चीन का कहना है कि यह उसका अभिन्न हिस्सा है. वहीं, ताइवान अपनी अलग सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था के साथ स्वतंत्र रूप से काम करता है. ताइवान की स्थिति आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है. यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के अनुसार यह मुद्दा संप्रभुता, आत्मनिर्णय और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों से जुड़ा है.
चीन का ताइवान पर दावा 1683 से जुड़ा माना जाता है, जब किंग राजवंश ने मिंग राजवंश के समर्थक कोक्सिंगा को हराकर द्वीप पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था.
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