ताइपे : ताइवान के विदेश मंत्री ने आज कहा कि नेपाल सरकार ने 20 सदस्यीय बचाव टीम भेजने की उसकी पेशकश को खारिज कर दिया है लेकिन उन्होंने इसके पीछे कूटनीतिक दबाव होने की बात से इनकार किया.
ताइपे में यह टीम रविवार को कूच करने के लिए तैयार थी लेकिन उसे बताया गया कि पडोसी देशों से सहायता को प्राथमिकता दी जा रही है. मंत्री डेविड लिन ने ताइपे में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि नेपाल सरकार ने हमें बताया कि वह नेपाल की अस्त-व्यस्त हालत को देखते हुए भारत और पाकिस्तान जैसे देशों से सबसे पहले ऐसी सहायता स्वीकार करेगा.
वहीं, चीन ने चिकित्साकर्मियों के एक समूह के साथ 62 सदस्यीय बचाव दल को काठमांडो रवाना किया है. हालांकि, लिन ने स्थानीय मीडिया की अटकलों से इनकार किया कि नेपाल सरकार के फैसले के पीछे कोई राजनीति है लेकिन वह यह बताने में नाकाम रहे कि नेपाल ने जापान से एक टीम को क्यों स्वीकार किया.
ताइवान को नेपाल ने मान्यता नहीं दी है. नेपाल की यात्रा पर गए 21 ताइवानी नागरिकों का सोमवार तक कुछ पता नहीं चल पाया था.
