मेगावती-सुषमा की हुई मुलाकात, मेगावती ने अपने नाम के पीछे की भारतीय कहानी बताई

जकार्ता : इंडोनेशिया की पूर्व राष्ट्रपति एवं देश के पहले राष्ट्रपति की पुत्री मेगावती सुकर्णोपुत्री ने आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अपने नाम के पीछे की कहानी बताई. सुषमा ने भारत की पुरानी मित्र 68 वर्षीय मेगावती से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों पर चर्चा की. […]

जकार्ता : इंडोनेशिया की पूर्व राष्ट्रपति एवं देश के पहले राष्ट्रपति की पुत्री मेगावती सुकर्णोपुत्री ने आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अपने नाम के पीछे की कहानी बताई.
सुषमा ने भारत की पुरानी मित्र 68 वर्षीय मेगावती से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों पर चर्चा की. चर्चा के दौरान मेगावती ने बताया कि किस तरह ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने उन्हें मेगावती नाम दिया था.
इंडोनेशियाई नेता ने सुषमा को बताया कि जब उनका जन्म हुआ था तो उस समय पटनायक उनके पिता से मिलने इंडोनेशिया आए थे. उस समय भारी बारिश हो रही थी, इसलिए पटनायक ने उनका नाम मेगावती (मेघों यानी कि बादलों की बेटी) रखने की सलाह दी.
मेगावती ने कहा, मेरे लिए इंडोनेशिया भारत है. सुषमा ने उन्हें ‘द इंडियन वुमन’ किताब का इंडोनेशियाई भाषा में अनुवादित पहला संस्करण भेंट किया.
मेगावती 23 जुलाई 2001 से 20 अक्तूबर 2004 तक मुस्लिम बहुल देश की राष्ट्रपति रहीं. देश की पहली और एकमात्र महिला राष्ट्रपति होने का श्रेय उनके नाम है. वह इंडोनेशिया के सबसे बडे राजनीतिक दलों में से एक पीडीआई-पी की नेता हैं. उन्होंने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के भारत के अनुभव में भी रुचि दिखाई. सुषमा यहां एशियन अफ्रीकन सम्मेलन में भाग लेने आई हैं.

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