अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष: पाक को मिला US का साथ, ट्रंप बोले- मैं हस्तक्षेप करूंगा…

Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर संघर्ष शुरू हो गया. एक ही दिन में सैकड़ों लोगों की मौत होने के बाद दोनों देशों को शांत कराने की वैश्विक कोशिशें होने लगीं. अमेरिका ने भी इस पर बयान दिया, हालांकि उसका सपोर्ट खुल कर पाकिस्तान के ही साथ रहा. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी मध्यस्ता की डील ऑफर की है.

Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 26-27 की दरम्यानी रात सैन्य तनाव काफी तेज हो गया है. अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के अंदर हमला किया, जिसके बाद पाकिस्तान ने हवाई हमला करते हुए अफगानों को भारी नुकसान पहुंचाया. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जवाबी हमलों के आरोप लगा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में व्यापक सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ गई है. हालांकि, मध्यस्ता की भी पहल होनी शुरू हुई. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह इस संघर्ष में हस्तक्षेप पर विचार कर सकते हैं, हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ अपने अच्छे संबंधों पर जोर दिया.

रिपोर्टरों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘मैं (हस्तक्षेप) करूंगा. लेकिन मेरे पाकिस्तान के साथ बहुत-बहुत अच्छे संबंध हैं. उनके पास एक बेहतरीन प्रधानमंत्री हैं, एक बेहतरीन जनरल हैं. उनके पास एक शानदार नेता है. ये दो ऐसे लोग हैं जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं. पाकिस्तान बहुत शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है.’ अमेरिका की राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हुकर ने भी शुक्रवार को अफगानिस्तान के साथ हालिया संघर्ष में जान गंवाने वालों के लिए पाकिस्तान के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार के समर्थन की भी पुष्टि की. 

अमेरिकी ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया अलर्ट

एक्स पर एक पोस्ट में एलिसन हूकर ने लिखा, ‘आज पाकिस्तान के विदेश सचिव बलोच से बात कर पाकिस्तान और तालिबान के बीच हालिया संघर्ष में हुई मौतों पर संवेदना व्यक्त की. हम स्थिति पर क़रीबी नज़र बनाए हुए हैं और तालिबान के हमलों के खिलाफ़ पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं.’ इस बीच, पाकिस्तान में अमेरिकी एंबेसी ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी कर नागरिकों को अफगानिस्तान के साथ बढ़े तनाव और कानून-व्यवस्था, सैन्य तथा व्यावसायिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की संभावित आतंकी धमकियों के मद्देनजर प्रमुख शहरों में सतर्क रहने की सलाह दी है. 

अमेरिका का पुराना सहयोगी है पाकिस्तान

पाकिस्तान, वॉशिंगटन का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी है. अमेरिका अफगान तालिबान को एक ‘आतंकवादी’ समूह मानता है. पाकिस्तान एक परमाणु हथियार संपन्न देश है और उसकी सैन्य क्षमताएँ अफगानिस्तान की तुलना में कहीं अधिक हैं. हालांकि, तालिबान गुरिल्ला युद्ध में माहिर हैं और दशकों तक अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं से लड़ाई के दौरान कठोर अनुभव हासिल कर चुके हैं. 2021 में वॉशिंगटन के अव्यवस्थित तरीके से हटने के बाद वे दोबारा सत्ता में लौट आए थे.

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कैसे भड़की ताजा लड़ाई?

ताजा हिंसा तब भड़की जब पिछले हफ्ते पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों के बाद गुरुवार को सीमा पर अफगान जवाबी हमले हुए. इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव और बढ़ गए. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तानी तालिबान आतंकियों को पनाह देता है. अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है और कहता है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं के लिए दूसरों को दोषी ठहरा रहा है.

दोनों पक्षों ने संघर्ष में भारी नुकसान की बात कही है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने इसे ‘खुला युद्ध’ करार दिया. वहीं पाकिस्तानी विदेश विभाग ने कहा, ‘तालिबान लगातार अपनी आतंकवाद-रोधी प्रतिबद्धताओं को निभाने में विफल रहे हैं.’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि ‘आतंकवादी समूह अफगानिस्तान का इस्तेमाल अपने जघन्य हमलों के लिए लॉन्चिंग पैड के रूप में करते हैं.’

पाकिस्तान बोला: अफगानिस्तान को भारी नुकसान

इस्लामाबाद ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले करने के बाद काबुल के खिलाफ ‘खुले युद्ध’ का ऐलान किया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि अफगानिस्तान ने एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा पर ड्रोन हमले किए. उन्होंने यह भी कहा कि एंटी-ड्रोन प्रणालियों ने इन ड्रोन को मार गिराया और किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है. सीमा पर झड़पों के कारण तनाव बढ़ने के बाद पाकिस्तान सरकार ने देशभर में सभी ड्रोन संचालन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. जियो न्यूज के अनुसार, आंतरिक मंत्रालय ने देश में सभी व्यावसायिक और निजी तौर पर संचालित ड्रोन पर रोक लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया है.

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अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के अंदर तक किए हमले

इससे पहले, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रायल ने कहा कि ड्रोन हमलों का लक्ष्य पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र थे. मंत्रालय के अनुसार, अफगान वायुसेना ने शुक्रवार (स्थानीय समय) सुबह लगभग 11 बजे पाकिस्तान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए. टोलो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि ये हवाई हमले इस्लामाबाद में फ़ैज़ाबाद के पास एक सैन्य शिविर, नौशेरा में एक सैन्य मुख्यालय, जमरूद की सैन्य टाउनशिप और एबटाबाद को निशाना बनाकर किए गए. बयान के मुताबिक, यह अभियान सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये हमले पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा की गई कथित ‘हवाई घुसपैठ’ के जवाब में किए गए.

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