2050 तक शिक्षित महिलाओं के लिए मुश्किल होगा पति खोजना!

लंदन : भारतीय महिलाओं के लिए 2050 तक अपने लिए सही जीवन साथी खोजना बहुत मुश्किल हो जाएगा, विशेष तौर पर यदि उन्होंने कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा हासिल की हो. ‘डेमोग्राफी’ नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यदि 2050 तक वर्तमान सामाजिक परिस्थितियां बरकरार रहीं, जहां कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षित […]

लंदन : भारतीय महिलाओं के लिए 2050 तक अपने लिए सही जीवन साथी खोजना बहुत मुश्किल हो जाएगा, विशेष तौर पर यदि उन्होंने कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा हासिल की हो. ‘डेमोग्राफी’ नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यदि 2050 तक वर्तमान सामाजिक परिस्थितियां बरकरार रहीं, जहां कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षित पुरुषों को समान शिक्षा वाली महिलाओं के मुकाबले बेहतर जीवन साथी माना जाता है तो योग्य साथी मिलना मुश्किल हो जाएगा.

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, बार्सिलोना स्थित ह्यसेन्टर फॉर डमोग्राफिक स्टडीज और अमेरिका के मिनिसोटा पॉपुलेशन सेन्टर के अनुसंशानकर्ताओं ने यह अध्ययन किया है. इनके अध्ययन का मॉडल मानता है. यदि सामाजिक नियम नहीं बदले तो 45 से 49 वर्ष उम्र वर्ग में कभी विवाह नहीं करने वाली महिलाओं की संख्या जो 2010 में 0.07 प्रतिशत थी वह 2050 तक बढकर करीब नौ प्रतिशत हो जाएगी.

इस संख्या में विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षित महिलाओं की संख्या ज्यादा होगी. इस अध्ययन के अनुसार, अविवाहित पुरुषों की संख्या भी बढेगी लेकिन वह कम शिक्षित पुरुषों की होगी. वर्तमान में भारत में ज्यादातर पुरुष अपने से कम शिक्षित लडकी से विवाह करते हैं. अध्ययन की मुख्य लेखिका ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान विभाग की रिद्धि काश्यप हैं.

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