एके-47 को दिया ‘शांति के हथियार’ का खिताब

मास्को: एके-47 एसाल्ट राइफल के लिए दुनिया में मशहूर रुसी कंपनी कलाश्निकोव ने अपने हथियारों को शांति का हथियार (वेपंस आफ पीस) बताया है. कंपनी ने अपनी छवि को निखारने की योजना के तहत यह नया लोगो व टैगलाइन अपनाया है. कंपनी ने कलाश्निकोव ने दुनिया को एके-47 राइफल दी. यह राइफल एशिया व अफ्रीका […]

मास्को: एके-47 एसाल्ट राइफल के लिए दुनिया में मशहूर रुसी कंपनी कलाश्निकोव ने अपने हथियारों को शांति का हथियार (वेपंस आफ पीस) बताया है. कंपनी ने अपनी छवि को निखारने की योजना के तहत यह नया लोगो व टैगलाइन अपनाया है. कंपनी ने

कलाश्निकोव ने दुनिया को एके-47 राइफल दी. यह राइफल एशिया व अफ्रीका महाद्वीप में सुरक्षा बलों के साथ साथ आतंकी संगठनों के बीच भी लोकप्रिय है. कलाश्निकोव या एके-47 दुनिया में सबसे जाना पहचाना हथियार है.रशिया टुडे की एक खबर के अनुसार कंपनी ने कंपनी की नये सिरे से ब्रांडिंग पहल में 3,80,000 डालर से अधिक की राशि खर्च की है.

कलाश्निकोव के नये लोगो में ‘सीके’ काले व लाल रंग में लिखा गया है. इसका विस्तार ‘कलाश्निकोव कंसर्न’ है जिसे कंपनी अपना नया नाम बताती है. कंपनी के बयान में कहा गया है कि ये रंग पश्चिम सर्बिया में उदमुर्तिया के झंडे से लिए गए हैं जहां कलाश्निकोव का मुख्य कारखाना है.

इसके साथ ही इस हथियार कंपनी ने नया नारा या स्लोगन भी अपनाया है. अंग्रेजी में यह स्लोगन शांति की रक्षा (प्रोटेक्टिंग पीस) और रुसी भाशा में शांति के हथियार (वेपंस आफ पीस) निकलता है.

इसके साथ ही कंपनी ने फैशन बाजार में उतरते हुए कुछ उत्पाद पेश किए हैं.ऐसा माना जाता है कि दुनिया में 10 करोड से अधिक कलाश्निकोव राइफल बिकी हैं. इस बंदूक को विकसित करने वाले मिखाइल कलाश्निकोव का पिछले साल निधन हो गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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