दुनिया में करोड़पति परिवार की सूची में भारत 15 वें स्थान पर

न्यूयार्क : भारत में 10 लाख लालर (मौजूदा दर पर छह करोड रुपये) की सम्पत्ति वाले धनाढ्य परिवार :मिलियेनर: की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और 2013 में यह संख्या 175,000 रही. इस मामले में वह दुनिया में 15वें स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में ऐसे धनी परिवारों की संख्या पिछले […]

न्यूयार्क : भारत में 10 लाख लालर (मौजूदा दर पर छह करोड रुपये) की सम्पत्ति वाले धनाढ्य परिवार :मिलियेनर: की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और 2013 में यह संख्या 175,000 रही. इस मामले में वह दुनिया में 15वें स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में ऐसे धनी परिवारों की संख्या पिछले साल 1.63 करोड रही.

‘राइडिंग ए वेव आफ ग्रोथ ग्लोबल वेल्थ 2014’(आर्थिक वृद्धि की लहर का सहारा वैविश्व सम्पत्ति 2014)शीर्षक बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की 14वीं सालाना रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल वैश्‍विक निजी संपत्ति में 14.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 152000 अरब डालर पहुंच गयी. वर्ष 2012 में वैश्विक संपत्ति 8.7 प्रतिशत बढी. लगातार दूसरे साल अच्छी वृद्धि का प्रमुख कारण शेयर बाजार का प्रदर्शन है. रिपोर्ट के अनुसार सूची में भारत 15वें स्थान पर है और वहां 10 लाख डालर या उससे अधिक की सम्पत्ति वाले परिवार की संख्या 175,000 है. 2012 में भारत इस सूची में 16वें स्थान पर था.

भारत के 2018 तक सातवां सबसे धनवान देश बनने का अनुमान है. देश में अति उंची हैसियत वाले :अल्ट्रा हाई नेटवर्थ-यूएचएनडब्ल्यू: परिवार की संख्या 284 रही. इस सूची में ऐसे परिवार को शामिल किया जाता है जिनकी संपत्ति 10 करोड डालर :करीब 600 करोड रुपये: से अधिक है. दुनिया में दस लाख डालर से अधिक की हैसियत वाले परिवारों की संख्या 2013 में 1.63 करोड पहुंच गयी जो 2012 के मुकाबले 13.7 प्रतिशत अधिक है. वैश्विक स्तर पर कुल परिवार का यह 1.1 प्रतिशत है.

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में सर्वाधिक 71 लाख मिलियेनर परिवार हैं. संपत्ति सृजन में मजबूत वृद्धि से चीन में भी मिलियेनर परिवार की संख्या बढी है और 2013 में यह 24 लाख रही जबकि 2012 में यह 15 लाख थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में निजी संपत्ति में वृद्धि का प्रमुख कारण मजबूत जीडीपी वृद्धि है. यह बात खासतौर पर चीन, भारत और इंडोनेशिया पर लागू होती है.वैश्विक स्तर पर निजी संपत्ति 2013 में बढकर 19300 अरब डालर हो गयी जो 2012 के 10700 अरब डालर के मुकाबले लगभग दोगुनी है. निजी संपत्ति में वृद्धि का प्रमुख कारण मौजूदा संपत्ति पर अच्छा रिटर्न है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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