Middle East Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच श्रीलंका अपने लोगों को सब्सिडी दे रहा है. राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने मंगलवार (7 अप्रैल) को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की है. उन्होंने संसद में बताया कि भारत ने श्रीलंका को पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने पर सहमति दे दी है, जिससे देश में ईंधन संकट को संभालने में मदद मिलेगी.
डीजल पर 100 श्रीलंकाई रुपये और पेट्रोल पर 20 श्रीलंकाई रुपये की सब्सिडी
राष्ट्रपति दिसानायके (जो वित्त मंत्री का कार्यभार भी संभाल रहे हैं) ने कहा कि सरकार ने राहत के लिए ईंधन, बिजली, गैस और उर्वरक जैसे चार अहम क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने ऐलान किया कि सरकार डीजल पर 100 श्रीलंकाई रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 20 श्रीलंकाई रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देगी. उन्होंने कहा कि इससे सरकार पर हर महीने करीब 20 अरब श्रीलंकाई रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
भारत दे रहा है ईंधन
राष्ट्रपति दिसानायके ने कहा कि सरकार देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की, जिसके बाद भारत ने ईंधन आपूर्ति पर सहमति जताई. राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि रूस के साथ गैस, कोयला, ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति को लेकर भी बातचीत शुरू हो चुकी है.
भारत ने पहले भी दिया था श्रीलंका को ईंधन
अमेरिका और इजराइल की 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का असर श्रीलंका पर भी पड़ा है. मार्च महीने में श्रीलंका को तीन बार ईंधन की खुदरा कीमतें बढ़ानी पड़ीं, जिनमें आखिरी बढ़ोतरी 25 फीसदी से ज्यादा थी. इस बीच 28 मार्च को भारत ने आपात सहायता के तौर पर 38,000 टन ईंधन कोलंबो भेजा था. इसमें 20,000 टन डीजल और 18,000 टन पेट्रोल शामिल था. यह आपूर्ति इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) की स्थानीय इकाई लंका IOC (LIOC) के जरिए की गई.
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