Iran War : अमेरिका की तय डेडलाइन नजदीक आने पर ईरान के राष्ट्रपति ने मंगलवार (7 अप्रैल) को कहा कि उनके सहित करीब 1.4 करोड़ ईरानी इस जंग में अपनी जान कुर्बान करने के लिए तैयार हैं.
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की उस सख्त चेतावनी से बाद बयान दिया, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट न खोलने पर ईरान के पावर प्लांट और पुल उड़ाने की धमकी दी गई थी. यह आंकड़ा पहले सरकारी मीडिया द्वारा बताए गए स्वयंसेवकों की संख्या (Volunteer Numbers) से लगभग दोगुना है. युद्ध के दौरान सरकार लगातार मैसेज और मीडिया के जरिए लोगों से अपील कर रही है कि वे ऐसे स्वयंसेवी अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें.
पेजेश्कियन ने कहा कि ईरानी लोगों ने अभियान में अपनी जान देने के लिए तैयार रहने का इरादा जताया है. मैं भी ईरान के लिए अपनी जान देने के लिए पहले भी तैयार था, अब भी हूं और आगे भी रहूंगा.
स्वयंसेवी अभियान का मतलब क्या होता है जानें
स्वयंसेवी अभियान का मतलब ऐसा काम या मुहिम जिसमें लोग अपनी मर्जी से, बिना किसी दबाव या लालच के हिस्सा लेते हैं. यानी इसमें लोग खुद आगे आकर देश, समाज या किसी खास मकसद के लिए काम करते हैं.
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कई लोग सरकार से नाराज हैं ईरान में
करीब 9 करोड़ की आबादी वाले ईरान में कई लोग सरकार से नाराज हैं. खासकर प्रदर्शनों पर की गई सख्ती को लेकर. ऐसे में माना जा रहा है कि 1.4 करोड़ लोगों वाला आंकड़ा शायद अमेरिका को डराने या संभावित हमले को रोकने के मकसद से सामने रखा गया है.
