सुमो ने बतायी नमो की ''जात'', बोले वे तो इबीसी ही हैं

पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले पिछड़ा और अब अतिपिछड़ा बताये जाये संबंधी महागंठबंधन के नेता एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर भाजपा नेता सुशील मोदी ने पलटवार किया है. सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस तेली समाज से आते […]

पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले पिछड़ा और अब अतिपिछड़ा बताये जाये संबंधी महागंठबंधन के नेता एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर भाजपा नेता सुशील मोदी ने पलटवार किया है. सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस तेली समाज से आते हैं, जो बिहार में अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल है. नीतीश कुमार पर हमला तेज करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि उन्होंने तेली समाज के एक भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया, जबकि भाजपा ने नौ लोगों को उम्मीदवार बनाया.

सुशील मोदी ने कहा कि महागंठबंधन को इस समाज के व्यक्ति का देश के शीर्ष पद पर होना बर्दाश्त नहीं हो रहा है. वहीं, अपने अगले ट्वीट में सुशील मोदी ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और नीतीश कुमार अल्पसंख्यक वोट बैंक की खातिर दलितों-पिछड़ों का आरक्षण छीन कर धार्मिक आधार पर आरक्षण देने की साजिश कर रहे हैं. इनकी मददगार कांग्रेस कई राज्यों में दलितों-पिछड़ों के साथ यह छल कर चुकी है. भाजपा नेता ने आगाह करते हुए कहा कि दलितों-पिछड़ों को इनसे सावधान रहना चाहिए.

गौर हो कि नीतीश कुमार ने कल पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री एक बार फिर बिहार पर कृपा कर रहे हैं और रोज-रोज बिहार आ रहे हैं. बिहार के लोगों को अब उन्हें अच्छे से जानने और समझने का मौका मिल रहा है. उन्होंने तो अब अपना प्रोफाइल भी बदल लिया है. पहले वे अपने को विकास पुरु ष कहते थे. फिर उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उन्हें ओबीसी प्रधानमंत्री कहने लगे, लेकिन अब प्रधानमंत्री अपने को खुद इबीसी प्रधानमंत्री कह रहे हैं. उन्होंने विकास से दूरी बना ली है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >