बेरमो : पिछला लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी मैं संसदीय क्षेत्र के लोगों के बीच सक्रिय रहा. लोगों के सुख-दुख में सदैव खड़ा रहने का काम किया. जिसने भी किसी मामले में मुझे जिस वक्त भी बुलाया, मैंने वहां हर हाल में पहुंचने का काम किया. विधानसभा से लेकर सड़क तक कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर संघर्षरत रहा.
चाहे वह पारा शिक्षकों का मामला हो या फिर आंगनबाड़ी सेविका सहायिका या फिर रसोईया का मामला. स्थानीय नीति, सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का विरोध किया. विधानसभा के बजट सत्र में मैंने कहा था कि जब तक कृषि को उद्योग का दर्जा नहीं दिया जाता है, तब तक कृषि का विकास असंभव है.
झारखंड से बाहर के शिक्षकों की बहाली को लेकर मुखर रहा. बिजली बिल में बढ़ोतरी का विरोध किया. पिछले पांच साल में सांसद व सरकार का कोई ऐसा कार्य नजर नहीं आता है, जिसे विकास की श्रेणी में रखा जा सके. बीसीसीएल की दामोदा कोलियरी बंद हो गयी.
वहीं दुगदा वाशरी की स्थिति दयनीय है. डीवीसी के सीटीपीएस की एक नंबर व दो नंबर यूनिट बंद हो गयी. सेल के भंडारीदह रिफैक्ट्रीज संयंत्र में फायर ब्रिक्स का बनना बंद हो गया. सीसीएल के ढ़ोरी एरिया का सीएचपी बंद गया.
इससे डेढ़ सौ मजदूर बेरोजगार हो गये. आज तक डीआरएंडआरडी चालू नहीं हुआ. कथारा एरिया में स्वांग व जारंगडीह यूजी माइंस बंद हो गया. सीसीएल कथारा व स्वांग वाशरी के करीब दो सौ क्लीनिंग मजदूरों को काम से बैठा दिया गया.
कथारा व ढोरी के सैकड़ों प्राइवेट सुरक्षा गार्डों को काम से बैठा दिया गया. सीसीएल व बीसीसीएल के कई कोलियरियों में कोयले की लोकल सेल की स्थिति चरमरायी हुई है. जिससे लोडिंग मजदूरों व ट्रक मालिकों के समक्ष रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है.
कुल मिला कर इन पांच सालों में नये उद्योग धंधे तो नहीं खुले, बल्कि जो चल रहे थे उसे भी केंद्र की मोदी सरकार ने बंद कर दिया. रोजगार सृजन का कोई काम नहीं हुआ. डीसी लाइन को बंद कर पुन: चालू किया गया. सवाल है जब लाइन ठीक नहीं थी तो उस पर अब कैसे ट्रेन चल रही है.
अभी तक इस रूट पर डीसी ट्रेन को चालू नहीं किया गया, जो इस क्षेत्र के लोगों को जीविकोपार्जन के अलावा विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का माध्यम बन सकता है. इसके अलावा इस रूट में 19 ट्रेनें बंद कर दी गयीं. कई जगहों पर रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज नहीं बना. गोमो-बरकाकाना रूट में कोई नई ट्रेन नहीं चली.
