फ़ीफ़ा: स्पेन का सफ़र जीत के साथ ख़त्म

विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट में सोमवार को ग्रुप बी के मैचों में स्पेन ने ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से और नीदरलैंड्स ने चिली को 2-0 से करारी मात दी. ऑस्ट्रेलिया पर स्पेन की जीत उसके लिए केवल सांत्वना वाली ही साबित हुई क्योंकि वह अपने पहले दो मैच हारने के साथ पहले ही अगले दौर यानी […]

विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट में सोमवार को ग्रुप बी के मैचों में स्पेन ने ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से और नीदरलैंड्स ने चिली को 2-0 से करारी मात दी.

ऑस्ट्रेलिया पर स्पेन की जीत उसके लिए केवल सांत्वना वाली ही साबित हुई क्योंकि वह अपने पहले दो मैच हारने के साथ पहले ही अगले दौर यानी अंतिम सोलह में पहुंचने की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी थी. स्पेन की ओर से खेल के 36वें मिनट में डेविड विया ने पहला गोल किया.

इसके बाद स्पेन के स्टार खिलाड़ी फर्नांडो टोरेस ने 69वें मिनट में दूसरा और तीसरा गोल 83वें मिनट में युआन माटा ने दागा.

इस मैच के बाद ना सिर्फ स्पेन बल्कि ऑस्ट्रेलिया भी विश्व कप से बाहर हो गया. दरअसल ग्रुप-बी के दूसरे मुक़ाबले में पिछले विश्व कप के उपविजेता नीदरलैंड्स ने चिली को 2-0 से मात दे दी.

वहीं चिली के ख़िलाफ़ जीत नीदरलैंड्स की लगातार तीसरी जीत थी. नीदरलैंड्स इस ग्रुप में तीन मैचों के बाद सर्वाधिक नौ अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा जबकि चिली भी रविवार को नीदरलैंड्स से हारने के बावजूद ग्रुप-बी में दूसरे स्थान पर रहते हुए अंतिम सोलह में पहुंचने में कामयाब रहा.

चिली ने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से और इसके बाद स्पेन को 2-0 हराया. स्पेन ग्रुप-बी में एक जीत और तीन अंकों के साथ तीसरे और ऑस्ट्रेलिया तीन हार के साथ बिना किसी अंक के चौथे और अंतिम स्थान पर रहा.

नीदरलैंड्स का मज़बूत डिफ़ेंस

नीदरलैंड्स की चिली पर 2-0 की जीत में लेरोय फ़ेर ने 77वें और मैमफ़िस ने निर्धारित समय के बाद अतिरिक्त समय में गोल किया. नीदरलैंड्स ने इसके साथ ही दिखा दिया कि उसका अटैक तो शानदार है ही, डिफेंस भी भरोसेमंद है.

नीदरलैंड्स ने अभी तक खेले गए तीनों मैचों में 10 गोल किए हैं जबकि उसके ख़िलाफ तीन गोल ही हो सके है. वैसे भी नीदरलैंड्स ने अपने अभियान का आग़ाज़ स्पेन के ख़िलाफ़ 5-1 से बड़ी दमदार जीत के साथ किया था. इस हार के बाद तो स्पेन का मनोबल ही टूट गया लगता है.

जाने माने फुटबाल समीक्षक नोवी कपाडिया मानते हैं कि नीदरलैंड्स ने अब जैसे दूसरी टीमों को चेतावनी दे दी है कि वह उससे बचकर रहे.

नोवी कपाडिया ये भी कहते हैं स्पेन के इस विश्व कप से बाहर होने की सबसे बड़ी वजह उसके बढ़ती उम्र के खिलाड़ी हैं. उनके मुताबिक स्पेन ने पिछले काफी समय से अपनी टीम में कोई बदलाव नही किए जिसका नतीजा सामने है.

नोवी कपाडिया का ये भी कहना है कि नीदरलैंड्स ने शुरूआती दो मैचों में आक्रामक खेल दिखाया लेकिन चिली के ख़िलाफ़ उसकी युवा रक्षा पंक्ति के खिलाड़ी पूरी तरह मुस्तैद दिखे.

वैसे भी नीदरलैंड्स ने इस मुक़ाबले में नई टीम को अवसर दिया. दूसरी तरफ चिली की भी तारीफ करनी होगी जिसने स्पेन जैसी पिछली विश्व चैंपियन टीम के ग्रुप में होते हुए दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में जगह बनाई.

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