क्या अमित शाह ने स्वास्तिक का अपमान किया?

<p>भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.</p><p>इस तस्वीर में अमित शाह एक चौकी पर खड़े होकर चुनावी जनसभा को संबोधित करते दिख रहे हैं. जिस चौकी पर अमित शाह खड़े हैं उस पर ‘स्वास्तिक चिह्न’ बना हुआ है जिसे भारतीय संस्कृति में हिंदू धर्म का […]

<p>भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.</p><p>इस तस्वीर में अमित शाह एक चौकी पर खड़े होकर चुनावी जनसभा को संबोधित करते दिख रहे हैं. जिस चौकी पर अमित शाह खड़े हैं उस पर ‘स्वास्तिक चिह्न’ बना हुआ है जिसे भारतीय संस्कृति में हिंदू धर्म का ‘मंगल प्रतीक’ माना जाता है.</p><p>सोशल मीडिया पर कुछ लोग अमित शाह के ‘स्वास्तिक चिह्न’ पर जूते पहनकर खड़े होने की आलोचना कर रहे हैं और इस तस्वीर को व्हॉट्सऐप पर भी शेयर कर रहे हैं.</p><p>कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी रविवार रात ये तस्वीर शेयर की और अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, &quot;भगवान के मंदिर से नोट लेंगे और फिर आस्था को चोट देंगे.&quot;</p><p><a href="https://twitter.com/priyankac19/status/1069265832260313089">https://twitter.com/priyankac19/status/1069265832260313089</a></p><p>भाजपा विरोधी अन्य गुटों में भी इस तस्वीर को काफ़ी शेयर किया जा रहा है.</p><p>हालांकि भाजपा नेता ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने ऐसी किसी चौकी पर पाँव नहीं रखा जिस पर धार्मिक चिह्न बना हो.</p><p>दक्षिणपंथी रुझान रखने वाले फ़ेसबुक पन्नों और ग्रुप्स में कथित तौर पर कांग्रेस द्वारा फैलाई गई इस तस्वीर की सत्यता पर सवाल उठाया गया है.</p><p>लेकिन हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये तस्वीर सही है. इस तस्वीर को अमित शाह ने ही सोशल मीडिया पर शेयर किया था और बाद में विवाद बढ़ता देख, इसे डिलीट भी कर दिया.</p><hr /> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46410616">कांग्रेस की मीटिंग में ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे’ का सच</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46414570">क्या अमरीका और नीदरलैंड में चलती है ‘राम मुद्रा’</a></li> </ul><hr /><h1>तीन बड़े सवाल और जवाब</h1><p>चुनावी माहौल के दौरान हमें कई ऐसी तस्वीरें और वीडियो मिल चुके हैं जिनके साथ गंभीर छेड़छाड़ की गई या उनके संदर्भ को पूरी तरह से बदल दिया गया था.</p><p>इस वजह से अपनी पड़ताल में हमारे लिए कुछ सवालों के जवाब ढूंढना बहुत ज़रूरी था. जैसे:</p> <ul> <li> ये तस्वीर कब की है?</li> </ul> <ul> <li> ये तस्वीर कहाँ की है?</li> </ul> <ul> <li> और क्या वाक़ई अमित शाह भाषण के दौरान किसी चौकी पर खड़े हुए थे?</li> </ul><p>’रिवर्स इमेज सर्च’ से हमें पता चला कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ये तस्वीर राजस्थान के बाड़मेर ज़िले की है.</p><p>इस तस्वीर को शनिवार, एक दिसंबर की दोपहर 2:06 से 2:40 बजे के बीच खींचा गया था.</p><p>ट्विटर पर ‘ऑफ़िस ऑफ़ अमित शाह’ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक दिसंबर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बाड़मेर ज़िले के बायतु और बालोतरा में पार्टी के प्रचार के लिए गए थे.</p><p><a href="https://twitter.com/AmitShahOffice/status/1068718032426549248">https://twitter.com/AmitShahOffice/status/1068718032426549248</a></p><p>वायरल फ़ोटो और उस दिन की जनसभाओं की तस्वीरों का जब हमने मिलान किया तो पाया कि अमित शाह का विवादित फ़ोटो बालोतरा की सभा का है.</p><p>इस निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए हमने अमित शाह के साफ़े, उनके कपड़ों, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों और उनके माइक के ब्रांड का भी मिलान किया.</p><hr /> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46387744">सचिन तेंदुलकर के ‘भाजपा समर्थक’ होने का सच </a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46365089">कांग्रेस के ‘मंदिर तोड़ने वाली तस्वीर’ का पाकिस्तान कनेक्शन</a></li> </ul><h1>’अमित शाह का ऊंचा कद'</h1><p>दरअसल, एक दिसंबर की इस सभा की तस्वीरें राजस्थान की भाजपा इकाई के अलावा ख़ुद अमित शाह ने भी ट्वीट की थीं. </p><p>तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा था, &quot;राहुल गांधी शायद भूल गए हों पर मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि वीरभूमि राजस्थान की जनता कभी भी भारत के वीर सैनिकों के शौर्य का अपमान करने वाली कांग्रेस पार्टी का साथ नहीं दे सकती.&quot;</p><p><a href="https://twitter.com/AmitShah/status/1068810013072924672">https://twitter.com/AmitShah/status/1068810013072924672</a></p><p><a href="https://twitter.com/BJP4Rajasthan/status/1068889167323688960">https://twitter.com/BJP4Rajasthan/status/1068889167323688960</a></p><p>इस बारे में हमने राजस्थान भाजपा के मीडिया सेल के अध्यक्ष विमल कटियार से बात की.</p><p>उन्होंने कहा, &quot;ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी. अध्यक्ष जी का क़द इतना ऊंचा है कि माइक पर बोलने के लिए उन्हें चौकी की ज़रूरत नहीं है. वो क्यों माइक के पीछे चौकी लगाएंगे.&quot;</p><p>लेकिन भाजपा जिन सभाओं के फ़ोटो और वीडियो ट्वीट करती है, उन्हें रणनीति के तहत फ़ेसबुक पर भी डालती ही है. फिर 1 दिसंबर दोपहर (ख़ासकर बालोतरा) का कोई पोस्ट राजस्थान भाजपा या अमित शाह के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर क्यों नहीं दिख रहा? इसके जवाब में विमल कटियार ने कहा कि उन्हें इसकी ज़्यादा जानकारी नहीं है.</p><p>विमल कटियार ने कहा कि मामले की ज़्यादा जानकारी के लिए स्थानीय भाजपा प्रत्याशी से बात की जा सकती है.</p><h1>’स्थानीय स्तर पर कोई विवाद नहीं'</h1><p>बाड़मेर ज़िले के बालोतरा में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भाजपा प्रत्याशी अमराराम चौधरी के लिए प्रचार करने पहुँचे थे.</p><p>अमराराम चौधरी ने अपनी बात ही यहीं से शुरू की कि &quot;स्थानीय स्तर पर इस फ़ोटो को लेकर कोई विवाद नहीं है. अमित शाह प्रचार करने आए थे. प्रचार करके चले गए. बाक़ी सब ठीक चल रहा है.&quot;</p><p>लेकिन क्या अमित शाह ने ऐसी किसी चौकी पर खड़े होकर भाषण दिया था जिसपर स्वास्तिक का निशान बना हो? और क्या स्थानीय स्तर पर ऐसा कोई रिवाज है जिसके तहत ऐसा किया जाना सही समझा जाता हो?</p><p>अमराराम चौधरी ने इसका जवाब देना ठीक नहीं समझा और बोले, &quot;उन्हें कोई जानकारी नहीं है.&quot;</p><hr /> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46406424">इंदिरा गांधी के ‘हिंदू नरसंहार 1966’ का सच </a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46340896">अयोध्या की सड़कें क्या वाक़ई में भगवा रंग में रंग गई थीं</a></li> </ul><hr /><h1>कैसे सजा था अमित शाह के लिए मंच</h1><p>लेकिन अमराराम चौधरी के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज से एक दिसंबर को हुए एफ़बी लाइव को देखकर लगता है कि अमित शाह भाषण देने के लिए और भाषण समाप्त होने के बाद किसी चीज़ पर चढ़े और उतरे ज़रूर थे.</p><p><a href="https://www.facebook.com/bjpamraram/videos/341269686427825/">https://www.facebook.com/bjpamraram/videos/341269686427825/</a></p><p>इसके बाद हम पहुँचे ‘भारतीय जनता पार्टी बाड़मेर’ नाम के फ़ेसबुक पेज पर जहाँ मिली एक तस्वीर ने स्थिति काफ़ी स्पष्ट की.</p><p>एक दिसंबर को इस पेज ने कुछ तस्वीरें शेयर की थीं. इनमें से एक तस्वीर बाड़मेर ज़िले के भाजपा महामंत्री बालाराम मूँध की है.</p><p>इस तस्वीर में साफ़ देखा जा सकता है कि अमित शाह के भाषण के लिए जो मंच लगाया गया था, वहाँ स्वास्तिक के निशान वाली चौकियाँ लगाई गई थीं.</p><p><a href="https://www.facebook.com/bjp4barmer/photos/a.492398720967153/967092876831066/?type=3&amp;theater">https://www.facebook.com/bjp4barmer/photos/a.492398720967153/967092876831066/?type=3&amp;theater</a></p><p>सोशल मीडिया पर ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने उस ‘फ़ेसबुक पोस्ट’ का भी स्क्रीनशॉट शेयर किया है जिसे लेकर ये दावा किया जा रहा है कि अमित शाह द्वारा ही ये तस्वीर शेयर की गई थीं.</p><p>हमने अमित शाह के सार्वजनिक फ़ेसबुक पेज के आर्काइव खंगाले तो इस दावे को सही पाया.</p><p>अमित शाह के आधिकारिक फ़ेसबुक अकाउंट से डिलीट किया गया आर्काइव पेज आप <a href="http://archive.li/aXVvW">यहां क्लिक करके देख सकते हैं.</a></p><hr /><p><strong>(ये कहानी फ़ेक न्यूज़ से लड़ने के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट ‘एकता न्यूज़रूम’ का हिस्सा है.)</strong></p><p>अगर आपके पास ऐसी ख़बरें, वीडियो, तस्वीरें या दावे आते हैं, जिन पर आपको शक हो तो उनकी सत्यता जाँचने के लिए आप उन्हें ‘एकता न्यूज़रूम’ को इस नंबर पर +91 89290 23625 व्हाट्सएप करें या <a href="https://bbc.in/2R5OUZN">यहाँ क्लिक</a> करें.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप</strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi"> यहां</a><strong> क्लिक कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong> और </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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