झारखंड के इस लोकसभा क्षेत्र में होता है सबसे कम वोट, प्रभात खबर ने चलाया ‘वोट करें, देश गढ़ें’ अभियान

झारखंड का धनबाद झरिया क्षेत्र में देश में सबसे कम वोटिंग वाला क्षेत्र है. यहां मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रभात खबर लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है.

Lok Sabha Election 2024|लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है. 13 मई से झारखंड में लोकसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं. झारखंड के कुछ हिस्सों में अच्छी-खासी वोटिंग होती है, लेकिन कुछ ऐसे भी इलाके हैं, जहां बहुत कम मतदान होता है. धनबाद और झरिया इलाके ऐसे हैं, जहां देश में सबसे कम वोटिंग होती है. यहां मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रभात खबर ने ‘वोट करें, देश गढ़ें’ अभियान शुरू किया है. इसके तहत लोगों से अपील की गई है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में 25 मई को मतदान करने के लिए अपने घरों से बाहर निकलें और धनबाद एवं झरिया पर लगे सबसे कम मतदान के टैग को हटाकर मतदान का नया रिकॉर्ड कायम करें. प्रभात खबर की ओर से आयोजित मतदाता जागरूकता अभियान ‘वोट करें, देश गढ़ें’ में सामाजिक संगठनों के साथ-साथ अलग-अलग स्कूल-कॉलेजों के स्टूडेंट्स भी शामिल हुए. गुरुनानक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को बताया गया कि अगर आपकी उम्र 18 साल हो गई है, तो अपना नाम मतदाता सूची में जरूर दर्ज करवा लें.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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