देवघर त्रिकूट रोपवे हादसा : खत्म हुई जिंदगी से जंग 46 सुरक्षित, तीन की मौत

देवघर त्रिकूट रोपवे हादसे में 46 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जबकि तीन लोगों की मौत हो गयी. रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हुआ. वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी समेत सेना के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद जान जोखिम में डालकर ट्रॉली में फंसे लोगों को नयी जिंदगी दी है.

सवाल होंगे घटना घटी कैसे ? किसकी लापरवाही थी ? इस बड़ी दुर्घटना का जिम्मेदार कौन ? सरकार भी इसके जवाब की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दे दिये हैं. कुल मिलाकर इस दुर्घटना से जुड़े सवालों का जवाब जांच का विषय है.

मंगलवार को तीसरे दिन सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया. रविवार को करीब साढ़े चार बजे रोपवे हादसा हुआ था. तब से रेस्क्यू ऑपेरशन जारी था. देवघर स्थित त्रिकूट पहाड़ रोपवे हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए आज मंगलवार को सुबह से ही ऑपरेशन जारी था. वायुसेना द्वारा हेलीकॉप्टर से ट्रॉली में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा था.

महिला समेत 13 को सुरक्षित निकालने की जद्दोजहद की जा रही थी. इसी दौरान एक महिला एयरलिफ्ट करने के दौरान नीचे गिर गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी. अन्य 12 लोगों को सेना के जवानों ने सुरक्षित निकाल लिया. इस तरह तीन दिनों में हवा में लटके 46 लोगों को सेना के जवानों ने नयी जिंदगी दी है.

मौत से आक्रोश

देवघर के त्रिकूट पहाड़ रोपवे हादसे में कुल तीन लोगों की मौत हुई है. इनमें दो महिलाएं एवं एक पुरुष शामिल हैं. एयरलिफ्ट के दौरान एक पुरुष व एक महिला की नीचे गिर जाने से मौत हो गयी. मृतक राकेश के परिजन उसकी मौत से काफी आक्रोशित हैं. परिजनों ने त्रिकुट पहाड़ जाने के चौराहे को जाम कर दिया था.

एयरलिफ्ट के दौरान दो की मौत

एयरलिफ्ट के दौरान हेलीकॉप्टर में घुसने से पहले एक सेफ्टी बेल्ट खुल जाने के कारण एक युवक 860 फीट खाई में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गयी थी. मृतक राकेश मंडल (36 वर्ष) दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के ककनी गांव का रहनेवाला था. वह शिकारीपाड़ा में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत था. आज मंगलवार को एक महिला एयरलिफ्ट करने के दौरान नीचे खाई में गिर गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी.

ऐसे हुआ था रो��वे हादसा

त्रिकूट पहाड़ रोपवे में रविवार (10 अप्रैल) की शाम बड़ा हादसा हो गया था. करीब 4:30 बजे रोपवे जैसे ही डाउन स्टेशन से चालू हुआ था कि पहाड़ की चोटी पर स्थित रोपवे के यूटीपी स्टेशन का रोलर अचानक टूट गया.

इसके बाद रोपवे की 23 ट्रॉलियां एक झटके में सात फीट नीचे लटक गयीं. वहीं, सबसे पहले ऊपर की एक ट्रॉली 40 फीट नीचे खाई में गिर गयी, जिसमें पांच लोग सवार थे. स्थानीय लोगों और रोपवे कर्मियों ने मिलकर उस ट्रॉली में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला. सबसे नीचे की दो ट्रॉलियां पत्थर से जोरदार टक्कर हुई थी सवार सभी लोग बुरी तरह घायल हो गये थे. इस हादसे में सारठ की रहनेवाली सुमंती देवी (पति स्व राजकुमार पुजहर) की मौत हो गयी थी.

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By Prabhat khabar digital desk

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