बाबा बैद्यनाथ मंदिर में गठजोड़ का विशेष महत्व, जानिये कैसे आपकी रक्षा करता हैं यह गांठ ?

गठबंधन या गठजोड़.इसके तहत बाबा भोलेनाथ का मंदिर और मां पार्वती के मंदिर के शिखर को पवित्र धागों से जोड़ा जाता है.इस दौरान श्रद्धालु अपने और अपने परिवार वालों के लिए खुशहाली कामना करते हैं. इस गठबंधन के कपड़े का भी विशेष महत्व है इसे रक्षा सुत्र के रूप में श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से अपने पास रखते हैं.

गठबंधन या गठजोड़. इसके तहत बाबा भोलेनाथ का मंदिर और मां पार्वती के मंदिर के शिखर को पवित्र धागों से जोड़ा जाता है. इस दौरान श्रद्धालु अपने और अपने परिवार वालों के लिए खुशहाली कामना करते हैं. इस गठबंधन के कपड़े का भी विशेष महत्व है इसे रक्षा सुत्र के रूप में श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से अपने पास रखते हैं. रक्षासुत्र के तौर पर इसे बांधते हैं या अपने घर के मंदिर या पवित्र स्थल के पास रखते हैं.

शास्‍त्रों में भी बाबा भोलेनाथ के मंदिर और मां पार्वती के मंदिर के ध्वज को धागों से गठजोड़ करने की परम्‍परा का वर्णन किया गया है. यहां आने वाले तीर्थ यात्री भी बाबा को जलाभिषेक करने के बाद अपनी मनोकामना की पूर्ति और अपनी परिवार की खुशहाली के लिए बाबा बैद्यनाथ और मां पार्वती मंदिर के बीच पवित्र धागा का गठजोड़ करना चाहते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >