जब वहीदा रहमान के सफेद बालों को देखकर ICU में बीमार सुनील दत्त ने कह दी थी ये बात, जानिये फिर क्या हुआ

दिग्गज अदाकारा वहीदा रहमान ने अरबाज खान के चैट शो द इनविंसिबल्स में कई मजेदार किस्से सुनाये, जो शायद किसी को पता होगा. अब उन्होंने संजय दत्त संग एक कहानी सुनाई, जब एक्टर वहीदा रहमान के सफेद बाल देखकर घबरा गए थे.

मनोरंजन जगत की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान हाल ही में अरबाज खान के चैट शो द इनविंसिबल्स में आई थी. यहां उन्होंने अपने समय के कई किस्से शेयर किए. उन्होंने एक घटना को याद किया है, जब दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त उनके सफेद बालों को देखकर हैरान रह गए थे. उन्होंने कहा, पदयात्रा के बाद जब अस्वस्थ होने के बाद सुनील दत्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीदा उनसे अस्पताल में मिलने गई, जहां सुनील दत्त उन्हें देखकर डर गए थे.

सुनील दत्त को लेकर वहीदा ने कही ये बात

अरबाज से बात करते हुए वहीदा ने कहा, ‘मैं सुनील दत्त से मिलने गई थी, जो आईसीयू में थे और नियमों के मुताबिक एक ही व्यक्ति अंदर जा सकता था. इसलिए मैं अंदर गई और कामना की कि वह भी उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछें. लेकिन जैसे ही उन्होंने मेरी तरफ देखा. वह सदमे की स्थिति में थे. तो मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ. जिस पर उसने कहा, ‘तुमने क्या किया है?’

सफेद बाल देखकर सदमे में चले गए थे सुनील दत्त

अभिनेत्री ने कहा, मैंने सोचा कि वह पूछ रहा है कि मैं क्यों आयी, तो उनसे कहा कि मैंने अनुमति ली और तब आई हूं. उन्होंने कहा, ‘मैं उसके बारे में बात नहीं कर रहा हूं, मैं आपके बालों के बारे में बात कर रहा हूं’. आपने अपने बालों को सफेद क्यों रंगा? मैंने जवाब दिया, सुनील मैंने इसे सफेद नहीं रंगा है, बल्कि इसे काला रंग देना बंद किया है, वे वास्तव में सफेद हैं. बता दें कि इससे पहले फिल्मफेयर से बात करते हुए वहीदा ने बताया था कि कैसे उन्होंने अपने बालों को रंगना बंद कर दिया. उन्होंने “मेरे बाल बहुत जल्दी सफेद होने लगे थे. हर 10 दिनों में मुझे इसे रंगना पड़ता था. जब मेरे पति अस्वस्थ थे, तो मेरे दिमाग से अपने बालों को डाई करने का ख्याल ही नहीं आता था

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सुनील दत्त और वहीदा रहमान ने इन फिल्मों में किया है काम

बता दें कि सुनील और वहीदा ने एक फूल चार कांटे (1960), मुझे जीने दो (1963), मेरी भाभी (1969), दर्पण (1970), रेशमा और शेरा (1971) और जिंदगी जिंदगी (1972) सहित कई फिल्मों में साथ काम किया है. वहीदा ने अपने अभिनय की शुरुआत तेलुगु फिल्म रोजुलु मरयी (1955) से की. उन्होंने प्यासा (1957), गाइड (1965), खामोशी (1969), फागुन (1973), कभी कभी (1976), चांदनी (1989), लम्हे (1991), रंग दे बसंती (2006) जैसी कई फिल्मों में अभिनय किया है.

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Author: Ashish Lata

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