बंगाल में ‘सुपर एक्टिव’ इलेक्शन कमीशन, 19 IPS का ट्रांसफर, 478 ऑब्जर्वर भेजे

WB Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले निर्वाचन आयोग ने 19 IPS अफसरों का तबादला करके पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है. निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए बंगाल में रिकॉर्ड 84 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किये गये हैं. एडीजी से लेकर एसपी तक के ट्रांसफर से चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है.

WB Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. निर्वाचन आयोग ने राज्य की कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में लेते हुए पश्चिम बंगाल के सभी 12 पुलिस कमिश्नरों समेत19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तत्काल तबादला करने का आदेश मंगलवार को जारी किया. फेरबदल में एडीजी (ADG) और एसपी (SP) भी शामिल हैं. आयोग का स्पष्ट संदेश है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

चुनाव 2026 से पहले पुलिस महकमे में सर्जिकल स्ट्राइक

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से जारी आदेश के अनुसार, 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह को दक्षिण बंगाल का नया एडीजी नियुक्त किया गया है. के जयरमन को उत्तर बंगाल की कमान सौंपी गयी है. बंगाल के 4 प्रमुख औद्योगिक और शहरी केंद्रों – आसनसोल-दुर्गापुर, हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में नये पुलिस आयुक्तों की तैनाती कर दी गयी है. 12 जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) भी बदल दिये गये हैं, ताकि चुनावी मशीनरी पर किसी स्थानीय राजनीतिक दबाव का असर न हो.

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WB Election 2026: बंगाल के लिए विशेष पुलिस ऑब्जर्वर

चुनाव आयोग ने केवल तबादलों पर ही बस नहीं किया, बल्कि चुनावी राज्यों के लिए कुल 1,111 पर्यवेक्षकों (Observers) की फौज उतार दी है. चौंकाने वाली बात यह है कि देश भर में सबसे ज्यादा 84 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर अकेले पश्चिम बंगाल के लिए तैनात किये गये हैं. ये पर्यवेक्षक आयोग की ‘आंख और कान’ बनकर बूथों पर होने वाली हर गतिविधि और चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे. इलेक्शन कमीशन ने बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग यानी 294 जेनरल ऑब्जर्वर भी नियुक्त किये हैं.

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जनता के लिए खुलेंगे शिकायत केंद्र

आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी पर्यवेक्षक बुधवार (18 मार्च 2026) तक अपने-अपने क्षेत्रों में रिपोर्ट करें. खास बात यह है कि इन अफसरों के संपर्क नंबर सार्वजनिक किये जायेंगे. ये पर्यवेक्षक हर दिन एक निश्चित समय पर आम जनता, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से मिलकर चुनाव संबंधी शिकायतें सुनेंगे, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके. सभी ऑब्जर्वर अपने क्षेत्र में पहुंचने के बाद अपना फोन नंबर जारी करेंगे. किस समय वह लोगों से मिलेंगे, इसका समय भी वही तय करेंगे.

बंगाल चुनाव 2026 से जुड़े अहम आंकड़े

  • कुल पर्यवेक्षक (देश भर में) : 1111
  • बंगाल में तैनात किये गये ऑब्जर्वर : 478
  • बंगाल में सामान्य पर्यवेक्षकों की संख्या : 294
  • बंगाल के लिए पुलिस ऑब्जर्वर : 84 (देश में सबसे ज्यादा)
  • बंगाल के लिए खर्च पर्यवेक्षक : 100
  • बंगाल में पुलिसवालों के तबादले : 19 वरिष्ठ IPS अधिकारी
  • मतदान की तारीखें : 23 और 29 अप्रैल 2026

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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