गोरखपुर: मौसम में उतार-चढ़ाव से बढ़े उल्टी-दस्त के मरीज, डॉक्टर ने लोगों को बताए बचने के उपाय

मौसम के बदलाव का असर लोगों पर दिखने लगा है. कभी वर्षा तो कभी उमस भरी गर्मी से उल्टी दस्त के रोगियों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है.

Gorakhpur : गोरखपुर में हो रहे मौसम के बदलाव का असर लोगों पर दिखने लगा है. कभी वर्षा तो कभी उमस भरी गर्मी से उल्टी दस्त के रोगियों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है. गोरखपुर जिला अस्पताल सहित मेडिकल कॉलेज में इस समय रोजाना उल्टी दस्त की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं.

जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में लगभग 30% रोगी प्रतिदिन उल्टी दस्त की शिकायत लेकर आ रहे हैं. जिनमें 10% मरीजों को उनकी हालत देख भर्ती करना पड़ रहा है. लेकिन राहत की बात यह है कि और 5–6 घंटे की ट्रीटमेंट के बाद यह मरीज ठीक हो जा रहे हैं.

गोरखपुर जिला अस्पताल में सोमवार की बात करें तो ओपीडी में कुल 530 मरीज पहुंचे थे. इनमें 160 मरीज उल्टी दस्त से पीड़ित थे, जिनमें 17 रोगियों को भर्ती करना पड़ा. गोरखपुर सहित बगल के जिलों में वर्षा होने से गर्मी से लोगों को कुछ राहत तो मिली है लेकिन धूप निकलने से उमस भरी गर्मी से लोगों को जूझना पड़ रहा है. मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव की वजह से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े हैं.

जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ बी के सुमन ने बताया कि मौसम में हो रहे परिवर्तन और उमस भरी गर्मी से इस समय उल्टी दस्त के मरीज जिला अस्पताल में बड़े हैं. जिनका इलाज कर उन्हें घर भेजा जा जाना है. कुछ मरीज है जिन्हें भर्ती भी करना पड़ा है और उनका इलाज चल रहा है जिन्हें कुछ देर के बाद छुट्टी भी दे दी जा रही है. सोमवार को जिला अस्पताल का ओपीडी हॉल खचाखच भरा रहा पर पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी कक्ष तक रोगियों की लंबी लाइन लगी रही.

जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा भीड़ ओपीडी मे थी. इनमें बुखार और उल्टी दस्त के रोगियों की संख्या सबसे अधिक थी. दोपहर के बाद जिला अस्पताल के इमरजेंसी में उल्टी दस्त के 25 रोगी पहुंचे जिनमें से 19 रोगियों को भर्ती कर उपचार किया गया. वहीं इस मामले में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि जिला अस्पताल में जगह-जगह पर पेयजल और ओआरएस घोल की व्यवस्था कर दी गई है. जो रोगी इलाज के लिए आ रहे हैं उन्हें बाहर का कुछ भी खाने से मना किया जा रहा है. क्योंकि बरसात के मौसम में बाजार की कोई भी संक्रमित चीज खाने से बैक्टीरिया पेट में सक्रिय हो जाते हैं और लोग बीमार पड़ जाते हैं.

रिपोर्ट–कुमार प्रदीप, गोरखपुर

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By Prabhat khabar news desk

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