Coronavirus : विराट – अनुष्का ने लोगों से कहा-घर पर रहिए, स्वस्थ रहिए

Coronavirus : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और उनकी अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा ने शुक्रवार को संयुक्त अपील जारी करके लोगों से कोविड 19 महामारी के चलते खुद को अलग रखने के लिए कहा है.

नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और उनकी अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा ने शुक्रवार को संयुक्त अपील जारी करके लोगों से कोविड 19 महामारी के चलते खुद को अलग रखने के लिए कहा है. कोहली और अनुष्का ने ट्विटर पर जारी वीडियो में सभी से घरों में रहने के लिए कहा इससे पहले कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से घरों में ही रहने की अपील की थी.

कोहली ने कहा ,‘‘ हम सभी जानते हैं कि यह बहुत कठिन समय है.” उन्होंने कहा ,‘‘ इस कोरोना वायरस को फैलने से मिल जुलकर ही रोका जा सकता है.” उन्होंने कहा ,‘‘ हम अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए घरों में ही रह रहे हैं आप भी यही करिए.” अनुष्का ने कहा ,‘‘ घर पर रहिए और स्वस्थ रहिए.” मोदी ने 22 मार्च को ‘जनता कफर्यू ‘ की अपील की है जिसमें लोगों से सुबह सात बजे से रात को नौ बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने का आग्रह किया गया है

गौरतलब है कि कोरोना को लेकर कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन किया था और लोगों से यह अपील की थी कि वे लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करें कि वे घर पर रहें, ताकि इस महामारी से बचा जा सके. पीएम मोदी की अपील के बाद विराट-अनुष्का ने यह वीडियो ट्‌वीट किया है. विराट से पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी लोगों से साफ-सफाई रखने का अनुरोध किया था. कई सेलिब्रेटी इस महामारी से लड़ने के लिए सामने आ रहे हैं और लोगों को जागरूक और प्रेरित कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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