Bareilly: किसान की मौत पर पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद भी थम नहीं रहा लोगों का गुस्सा, सोशल मीडिया पर उबाल

एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने शुक्रवार को भमौरा थाना क्षेत्र की सरदार नगर चौकी प्रभारी टिंकू कुमार, हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र राणा, मनोज कुमार, कांस्टेबल अंकित कुमार, दीपक कुमार, सत्यजीत सिंह और कांस्टेबल मोहित कुमार को निलंबित किया है. इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है.

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में भमोरा थाना क्षेत्र के आलमपुर जाफराबाद गांव में एक ग्रामीण की पुलिस की पिटाई से मौत के आरोप लगे हैं. संतोष शर्मा (48 वर्ष) की शुक्रवार रात मौत हो गई. आरोप है कि पुलिस ने दबिश के दौरान जुआरियों के नाम नहीं बताने पर संतोष को बुरी तरह पीटा था, जिसके चलते एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने टीम में शामिल सरदार नगर चौकी के दरोगा समेत सात पुलिस कर्मियों को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया. मगर, किसान की मौत के बाद से सोशल पर पर उबाल है. सोशल मीडिया पर डॉ. सुनील पीएचडी नाम के ट्विटर यूजर्स ने लिखा है कि “अपना हिस्सा लेने गए थे, अधिकांश को पुलिस की नौकरी पचती नहीं, वर्दी पहनते ही कानून से ऊपर उड़ान भरने लगते हैं”.ये ट्वीट सीएम योगी आदित्यनाथ को भी टैग किया गया है. यूजर वीरेंद्र गंगवार ने लिखा है कि सस्पेंड वाले सभी बहाल हो जाते हैं, पीके 123 यूजर ने लिखा यूपी तालिबान बनने की ओर अग्रसर हो रहा है. तुर्रम सिंह नामक यूजर ने लिखा है कि बर्खास्त कर जेल क्यों नहीं भेजा ?, क्या यह सही है. भाजपा उत्तर प्रदेश के लोग पुलिस की गुंडागर्दी में इसे न्याय नहीं मानते. सिर्फ और सिर्फ पक्षपात, मेरे जनपद में गुंडई करने वाले थानाध्यक्षों को लाइन हाजिर कर पब्लिक में न्याय का संदेश देकर 24 घंटे के अंदर प्रमोशन कर भेजा जाता है. पीके 123 यूजर ने एक बार फिर लिखा. यह पुलिस नहीं गुंडा है. रमेश कुमार नाम के यूजर ने लिखा , जुए का सीजन आ गया. इसके साथ ही राजीव गोयल नाम के यूजर ने लिखा धारा 307 में गिरफ्तार क्यों नहीं किया. इसी तरह से अन्य तमाम यूजर्स लगातार टिप्पणी आ रही हैं.

10 पुलिस कर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट

मृतक संतोष के भाई कृष्ण कुमार की तहरीर पर बरेली के छह पुलिसकर्मी, एक एंबुलेंस चालक को नामजद करते हुए 10 के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है. अस्पताल में संतोष की मौत के बाद पुलिस कर्मियों से ग्रामीणों की नोकझोंक हुई. कृष्ण कुमार का आरोप है कि बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे चौकी पर खड़ी रहने वाली एंबुलेंस के ड्राइवर विजय के साथ सरदार नगर चौकी की पुलिस गांव में पहुंची. बिना वर्दी के तीन लोग टीम के साथ थे. पुलिस वहां जुआ पकड़ने पहुंची थी, लेकिन टीम को देखकर जुआरी भाग गए.

आरोप है कि पुलिस ने खेत से लौट रहे संतोष से जुआरियों के नाम पूछे. मगर,संतोष ने डर से किसी का नाम बताने से इनकार कर दिया. इस पर पुलिस टीम ने संतोष को लात-घूंसों, और राइफल की बट से बुरी तरह पीटा.शोर सुनकर जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए थे.एसपी देहात मुकेश मिश्रा के अनुसार, मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है. जुआ होने की सूचना पर पुलिस आलमपुर गई थी.वहां जुआरियों में भगदड़ मच गई.इस दौरान वहां मौजूद संतोष भी मौजूद थे.भगदड़ में वह भी चोटिल हो गए. पुलिसकर्मी अधिकारियों को बिना सूचना दिए जुआ पकड़ने गए थे.

इन पुलिस कर्मियों पर गिरी गाज

एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने शुक्रवार को भमौरा थाना क्षेत्र की सरदार नगर चौकी प्रभारी टिंकू कुमार, हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र राणा, मनोज कुमार, कांस्टेबल अंकित कुमार, दीपक कुमार, सत्यजीत सिंह और कांस्टेबल मोहित कुमार को निलंबित किया है.इससे पुलिस महकमें में हड़कंप मचा है.इसके साथ ही गांव में तनाव के चलते बड़ी संख्या में पुलिस को लगाया गया है.

रिपोर्ट मुहम्मद साजिद, बरेली

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By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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