UP News: अलीगढ़ के इस मंदिर में हिंदुओं के लिए ड्रेस कोड जारी, मुसलमानों के प्रवेश पर लगाई रोक, जानें वजह

महंत कौशलनाथ ने बताया कि मंदिर में आने वाले किसी गैर हिंदू को पूजा के लिए प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. इसके साथ ही छोटे कपड़े, कटी-फटी जींस, हाफ पैंट आदि कपड़ों को पहनकर आने वाले हिंदू भक्तों को भी मंदिर में पूजा-अर्चना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

Aligarh: अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद में प्राचीन श्री गिलहराज मंदिर के महंत योगी कौशलनाथ ने मुस्लिम महिला और पुरुषों के मंदिर में प्रवेश को प्रतिबंधित किया है. इसके साथ ही हिंदू श्रद्धालुओं के लिए भी अलग से ड्रेस कोड जारी किया है.

महंत ने बुधवार को इस संबंध में एक गाइड लाइन जारी की है, जिसमें मंदिर में शालीन व मर्यादित कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों को ही प्रवेश देने की बात कही गई है. इसके पोस्टर भी चिपकाये गए. हालांकि बाद में हटा लिया गया. इसका वीडियो वायरल हो रहा है, जिस पर बहस हो रही है.

अलीगढ़ में प्राचीन श्री गिलहराज मंदिर के महंत कौशलनाथ ने कहा है कि मंदिर में शालीन कपड़े पहनकर आने वाले हिंदू भक्तों को ही प्रवेश दिया जाएगा. छोटे कपड़े, कटी-फटी जींस, हाफ पैंट आदि कपड़ों को पहनकर आने वाले लोगों को मंदिर में पूजा-अर्चना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके पोस्ट भी चिपकाए गए. लेकिन, बाद में बुधवार देर शाम उन्हें हटा दिया गया.

महंत कौशलनाथ ने कहा है कि इसके लिए दूसरे बड़े पोस्टर, बैनर तैयार कराकर मंदिर के बाहर लगाए जाएंगे. कुछ लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है तो कुछ ने इसे महंत का व्यक्तिगत निर्णय बताया है. महंत कौशलनाथ ने बताया कि मंदिर कमेटी की ओर से निर्णय किया गया है कि मंदिर में आने वाले किसी गैर हिंदू को पूजा के लिए प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. पिछले दिनों त्रयंबकेश्वर मंदिर में कुछ मुस्लिमों के प्रवेश करने के बाद एसआईटी गठित की गई है. चूंकि मुस्लिम पूजा करने के उद्देश्य से मंदिर नहीं आते हैं. उनका कोई और उद्देश्य रहता है, जो जांच एजेंसियां ही तय कर पाएंगी.

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महंत कौशलनाथ ने कहा है कि अलीगढ़ में ऐसी कोई घटना नहीं घटित हो सके, इसलिए मंदिर में गैर हिंदुओं के आने से रोक लगाने का निर्णय किया गया है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कुछ भक्तों की शिकायत थी कि मंदिर में कुछ भक्त अमर्यादित कटे-फटे वस्त्र, जींस पैंट, हाफ पेंट आदि पहनकर आते हैं, इसलिए इस पर भी निर्णय ​किया गया है. उन्होंने हिंदू भक्तों से अपील करते हुए कहा कि वे मंदिर में ड्रेस कोड का पालन करें.

महंत कौशलनाथ ने कहा है कि मंदिर में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक एवं हिंदुओं के अमार्यदित वस्त्र पहनकर आने का निर्णय उनका और मंदिर कमेटी का है. वहीं श्री गिलहराज मंदिर के महंत के इस बयान को लेकर शहर भर में चर्चाएं हो रही हैं. सोशल मीडिया पर भी महंत कौशलनाथ का बयान वायरल हो रहा है. हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय ने श्री गिलहराज मंदिर के महंत के निर्णय का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इससे मंदिर में होने वाली अश्लील हरकतों पर लगाम लगाई जा सकेगी. डासना मंदिर में यह नियम बहुत पहले से ही लागू है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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