महादेव ऐप के मुद्दे पर स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल पर साधा निशाना, कही ये बात

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी हवाला गतिविधियों में शामिल लोगों की मदद से छत्तीसगढ़ चुनाव लड़ रही है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के चुनावी खर्चों को पूरा करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री बघेल द्वारा कथित तौर पर रिश्वत लिए जाने को लेकर उन पर निशाना साधा.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से चार दिन पहले महादेव ऐप और हवाला कारोबार ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से हुए हालिया खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तेज-तर्रार नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर शनिवार (चार नवंबर) को निशाना साधा. नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी हवाला गतिविधियों में शामिल लोगों की मदद से छत्तीसगढ़ चुनाव लड़ रही है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के चुनावी खर्चों को पूरा करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री बघेल द्वारा कथित तौर पर रिश्वत लिए जाने को लेकर उन पर निशाना साधा.

छत्तीसगढ़ में सत्ता में रहकर सट्टा का खेल : स्मृति ईरानी

स्मृति ने कहा कि सत्ता में रहकर सट्टा का खेल. छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेतृत्व का बहुत बड़ा चेहरा बन चुका है. उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल के खिलाफ कुछ चौंका देने वाले तथ्य देश के सामने आए हैं. असीम दास नामक एक व्यक्ति से 5.30 करोड़ रुपए से ज्यादा नकद बरामद हुआ है. उन्होंने भूपेश बघेल से कई सवाल पूछे हैं.

  • क्या ये सत्य है कि कांग्रेस के नेताओं को छत्तीसगढ़ में शुभम सोनी के माध्यम से असीम दास पैसा पहुंचाते थे?

  • क्या ये सत्य है कि शुभम सोनी के माध्यम से एक वॉयस मैसेज के माध्यम से असीम दास को ये आदेश दिया गया कि वह रायपुर जाएं और बघेल को चुनावों के खर्च के लिए पैसे दें?

  • क्या ये सत्य है कि दो नवंबर को एक होटल में असीम दास से सर्च में पैसे बरामद हुए?

  • क्या ये सत्य है कि अलग-अलग बैंक अकाउंट्स से 15 करोड़ 50 लाख रुपए प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग एक्ट के तहत फ्रीज किया गया.

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शुभम सोनी ने माना भूपेश बघेल को दिए 508 करोड़ रुपए

स्मृति ईरानी ने कहा कि ये सारे प्रश्न आज भूपेश बघेल से और कांग्रेस के नेतृत्व से कर रही हूं. उन्होंने कहा कि असीम दास ने अपने स्टेटमेंट में कबूल किया है कि वह आदेश के अनुसार रायपुर आए. उनको आदेश हुआ कि कांग्रेस के चुनाव के खर्चे के लिए पैसा दिया जाए. स्मृति ने कहा कि असीम दास ने माना है कि ये पैसा महादेव ऐप के अवैध संचालन का पैसा है. असीम दास ने माना है कि शुभम सोनी महादेव ऑनलाइन ऐप के टॉप लेवल मैनेजमेंट में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह तथ्य चौंका देने वाले हैं कि जिस शुभम सोनी ने एक लिखित बयान में कहा है कि अब तक महादेव ऐप के प्रोमोटर्स ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए की रिश्वत दी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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