विक्रम गोखले की शोक सभा में छलका शबाना आजमी का दर्द, बोलीं- अधूरा रह गया ये सपना...

भारतीय फिल्म उद्योग में एक उत्कृष्ट परिवार से आनेवाले विक्रम गोखले अविश्वसनीय रूप से एक प्रतिभाशाली अभिनेता थे. उन्होंने उम्दा अभिनय के दम पर भारत और विदेश में मराठी थिएटर के साथ-साथ हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में सैकड़ों भूमिकाओं के लिए प्रसिद्ध और सम्मानित थे.

फिल्मी पर्दे के चहेते और दर्शकों के दिल को छू लेनेवाले लीजेंड अभिनेता श्री विक्रम गोखले आज हमारे बीच नही हैं लेकिन उनके द्वारा किये गए अद्भुत अदाकारी के नजराने फिल्मी इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुके हैं. सिंटा ने हाल ही में दिवंगत विक्रम जी के आत्मा की शांति के लिए मुम्बई के इस्कॉन मंदिर में एक शोक सभा का आयोजन किया. इस समय में शबाना आज़मी, जॉनी लीवर, सिंटा जनरल सेक्रेटरी अमित बहल सहित कई मेंबर्स मौजूद थे.

विक्रम गोखले एक्टिंग की एक पाठशाला थे

भारतीय फिल्म उद्योग में एक उत्कृष्ट परिवार से आनेवाले विक्रम गोखले अविश्वसनीय रूप से एक प्रतिभाशाली अभिनेता थे. उन्होंने उम्दा अभिनय के दम पर भारत और विदेश में मराठी थिएटर के साथ-साथ हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में सैकड़ों भूमिकाओं के लिए प्रसिद्ध और सम्मानित थे. अभिनय का खजाना विक्रम गोखले एक्टिंग की एक पाठशाला थे.

शबाना आजमी का छलका दर्द

शोक सभा में शबाना आजमी उन्हें याद कर बेहद भावुक हो गईं और अपने अधूरे रह गये सपने का खुलासा किया. शबाना आजमी ने कहा, “जब भी मैं विक्रम गोखले जी से मिलती थी, तो मैं उनसे केवल एक सवाल पूछती थी, “हम साथ में कब काम कर रहे हैं?” वह हमेशा मुस्कुराते और जवाब देते थे, “जब भी आप कहें.” मुझे इस बात का बहुत दुख है कि विक्रम जी के साथ काम करने का ये सपना मेरा अधूरा रह गया”.

परेश रावल ने कही ये बात

परेश रावल ने कहा कि, “विक्रम गोखले का नाम अकेले ही मुझे खुशी की एक जबरदस्त भावना देता है. इतना प्यारा, दयालु और सम्मानित आदमी. उनकी उपस्थिति ने हमें सुरक्षित महसूस कराया. उन्होंने कभी किसी बात और काम को किसी पर थोपा नहीं, केवल एक अनुभवी अभिनेता के रूप में हमारा मार्गदर्शन किया. मैंने थिएटर और फिल्म में उनके प्रदर्शन देखे हैं और उनके साथ काम करना चाहता था, लेकिन मैं मुख्य रूप से गुजराती थिएटर में काम करता हूं, इसलिए हमें कभी भी मंच पर एक साथ काम करने का मौका नहीं मिला. लेकिन फिर, दे दना दन और भूल भुलैया आयी और हमने एक साथ काम किया. उनके पास एक बहुत ही राजसी और तीव्र आभा थी.”

विक्रम गोखले अपने आप में एक संस्था थे

सुभाष घई ने आगे कहा, “विक्रम गोखले अपने आप में एक संस्था थे. उन्होंने भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने वाले अविस्मरणीय कार्यों को पीछे छोड़ दिया है. विक्रम जी एक अभिनेता के रूप में सिर्फ एक प्रेरणा ही नहीं हैं , वह एक इंसान के रूप में प्रेरणादायक थे. भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उनकी आत्मा को शांति दे.”

सिंटा के जनरल सेक्रेटरी अमित बहल ने दी श्रद्धांजलि

सिंटा के जनरल सेक्रेटरी अमित बहल ने कहा, ”विक्रम जी ने हमारी इंडस्ट्री पर एक गहरी छाप छोड़ी है. सिंटा के अध्यक्ष के रूप में उनके यादगार कार्यकाल में हमने साथ में खूब मस्ती की. वो ऐसी शख्सियत थे जो बहुत सच्चे और सरल थे. विक्रम जी मेरे लिए पिता समान थे. जब मेरे पिता की मृत्यु हुई तो दुख के क्षणों में वह शक्ति के स्तंभ की तरह खड़े थे. बड़े से बड़े स्टार के भी आगे उन्होंने अपने अद्भुत अभिनय का दम दिखाया. ऐसे महान प्रतिभाशाली अभिनेता को मेरा कोटि कोटि नमन और मेरे ,सिंटा परिवार, विश्व के हर कोने से जुड़े लोगों की ओर से हम विक्रम गोखले जी को श्रद्धांजलि देते हैं.”

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26 नवंबर को हुआ था निधन

बता दें कि, भारतीय सिनेमा के दिग्गज विक्रम गोखले का 26 नवंबर 2022 को कई अंग विफलता के कारण निधन हो गया था. उनकी कई उल्लेखनीय फिल्में थीं जिनमें हम दिल दे चुके सनम, अग्निपथ, नटरंग, खुदा गवाह शामिल हैं. उन्होंने इस उद्योग में एक शून्य छोड़ दिया है जो हमेशा रहेगा.

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लेखक के बारे में

By Budhmani Minj

Senior Journalist having over 10 years experience in Digital, Print and Electronic Media.Good writing skill in Entertainment Beat. Fellow of Centre for Cultural Resources and Training .

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