इंस्टेंट लोन ऐप्स के जाल में फंसने से खुद को बचाएं, ये है आसान तरीका

Instant Loan App Fraud: अगर आप भी इंस्टेंट लोन ऐप्स के जाल में फंसने से बचना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए काफी काम की साबित होने वाली है. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने वाले हैं जिनकी मदद से आप इस तरह के स्कैम्स से सुरक्षित रह सकते हैं.

Instant Loan App Fraud: नवी मुंबई में रहने वाले एक 56 वर्षीय निवासी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो गए और कथित इंस्टेंट लोन घोटाले में उन्हें 90 हजार रुपये का नुकसान हो गया. मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कलंबोली पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

बेटी की पढ़ाई के लिए लिया लोन: एक लॉजिस्टिक्स कंपनी में कार्यरत शिकायतकर्ता ने फेसबुक पोस्ट देखने के बाद दो घंटे के भीतर लोन देने का वादा करते हुए अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए लोन मांगा. ऑनलाइन आवेदन करने पर, उन्हें बीमा, जीएसटी, एनओसी, भारतीय रिजर्व बैंक शुल्क और दो अग्रिम किस्तों, कुल 90,000 रुपये की मांग करते हुए एक कॉल आया.

घटना की जांच जारी: जब वादा किया गया लोन पूरा नहीं हुआ तो शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि उसे धोखा दिया गया है और उसने घटना की रिपोर्ट की और जांच जारी है.

इंस्टेंट लोन क्यों है रिस्की: अनऑथोराइज्ड डिजिटल लोन देने वाले प्लेटफ़ॉर्म और मोबाइल ऐप्स से सावधान रहें जो इंस्टेंट, हैसल फ्री लोन का वादा करते हैं. रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ये प्लेटफ़ॉर्म अत्यधिक ब्याज दरें वसूल सकते हैं, छिपी हुई फीस की मांग कर सकते हैं, आक्रामक वसूली विधियों का इस्तेमाल कर सकते हैं और आपकी ऑनलाइन गोपनीयता का उल्लंघन करने सहित उधारकर्ता डेटा तक पहुंचने के लिए समझौतों का गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

फ्रॉड से इस तरह बचें: केवल बैंकों, आरबीआई-रजिस्ट्रेड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों और राज्य-विनियमित संस्थाओं से प्राप्त लोन पर भरोसा कर. केवल यहीं नहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आकर्षक लोन प्रदान करने वाली संस्थाओं की बैकग्रॉउंड चेक करें.

शेयर न करें जानकारी: ऑनलाइन या ऐप-बेस्ड लोन प्रदाताओं की विश्वसनीयता की गहन जांच सुनिश्चित करें और कभी भी केवाईसी डॉक्युमेंट्स को अज्ञात या असत्यापित व्यक्तियों या ऐप्स के साथ शेयर न करें.

यहां करें शिकायत: धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की रिपोर्ट कानून प्रवर्तन एजेंसियों या आरबीआई के सचेत पोर्टल (https://sachet.rbi.org.in) को करें. बता दें आरबीआई डिजिटल लोन देने वाले प्लेटफार्मों को उस बैंक या एनबीएफसी के नाम का खुलासा करने के लिए बाध्य करता है जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Saurabh Poddar

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