Uttarakhand Tunnel Rescue: सुरंग में फंसे श्रमिकों के लिए जियो ने रिकॉर्ड समय में बिछायी 100mbps की लाइन

Uttarkashi tunnel rescue - देशभर की कई एजेंसियां और संगठन उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सकुशल बाहर निकालने के मिशन में जुटे हैं. देश की शीर्ष टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इस मिशन में बड़ा योगदान दे रहा है.

Uttarakhand Tunnel Rescue : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने का काम पिछले 15 दिनों से चल रहा है. देशभर में इनके लिए दुआएं की जा रही हैं. सुरंग में रेस्क्यू का काम तेजी से चल रहा है.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के जिस हिस्से में ऑपरेशन जिंदगी को चलाया जा रहा है, वहां मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी बड़ी चुनौती थी, जिसे जियो नेटवर्क ने रिकॉर्ड समय में पूरा किया. जियो के मोबाइल नेटवर्क से रेस्क्यू टीम को लगातार मदद तो मिल ही रही है, यहां से देश और विदेश में आसानी से संपर्क भी स्थापित किया जा रहा है.

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देशभर की कई एजेंसियां और संगठन उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सकुशल बाहर निकालने के मिशन में जुटे हैं. देश की शीर्ष टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इस मिशन में बड़ा योगदान दे रहा है.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के काम में मदद के लिए जियो ने टनल के करीब मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया और रेस्क्यू के काम में अपनी महती भूमिका निभायी.

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बचाव अभियान की इस मुश्किल घड़ी में कनेक्टिविटी एक बड़ी जरूरत थी. शासन औरव प्रशासन ने जब जियो से मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की जरूरत सामने रखी, जियो ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए पहली बार इतनी तेजी से मोबाइल कनेक्टिविटी और डेटा के लिए 100mbps की लीज लाइन उपलब्ध करायी.

सुरंग धंसने के बाद सबसे पहले जियो नेटवर्क ने मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी को तैयार कर दिया और लगातार जियो नेटवर्क रेस्क्यू टीम की मदद कर रहा है. मालूम हो कि उत्तराखंड का यह क्षेत्र राज्य के बिल्कुल उत्तरी हिस्से में स्थित है और यहां तक पहुंचने के लिए देहरादून से 8 घंटे का समय लगता है.

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उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू में जियो का क्‍या रहा योगदान?

सिल्क्यारा सुरंग धंसने के 18 घंटे के भीतर जियो ने कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार किया

जियो कनेक्टिविटी से डेटा के साथ-साथ बातचीत करने में मदद मिली

NHIDCL की रेस्क्यू कमांड साइट को 100mbps लीज लाइन कनेक्टिविटी दी

दो दिनों तक पूरा प्रशासन जियो की कनेक्टिविटी पर निर्भर रहा

हर रोज जियो नेटवर्क पर 700gb डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है

मौजूदा समय में हर दिन 1200 यूजर जियो नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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