लता मंगेशकर जैसा स्टारडम पाना रणबीर कपूर की ख्वाइश, दोनों स्टार्स एक ही दिन सेलिब्रेट करते हैं जन्मदिन

स्वर कोकिला लता मंगेशकर और रणबीर कपूर का एक ही दिन जन्मदिन है. ऐसे में एक बार प्रभात खबर के साथ इंटरव्यू में एक्टर ने खुलासा किया था कि उन्हें लता जी जैसा स्टारडम पाना है.

स्वर कोकिला लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रहीं. लता जी लाखों करोड़ो लोगों की प्रेरणा रही हैं. इसमें मौजूदा सुपरस्टार रणबीर कपूर भी शामिल हैं. उन्होंने प्रभात खबर से अपने एक इंटरव्यू में लता मंगेशकर जैसा स्टारडम पाने की ख्वाइश जाहिर की. उन्होंने कहा, मैं कुछ भी नहीं हूं. मुझे अभी भी जिन्दगी में बहुत कुछ हासिल करना है, लेकिन मैं चाहता हूं, जब मैं अपना बेस्ट लोगों से शेयर कर दूं तो मैं जिन्दगी में सम्मान मांगना नहीं चाहता हूं, बल्कि पाना चाहता हूं. जो बहुत कम लोगों को मिलता है. ऐसा स्टारडम मैंने लता मंगेशकर जी को पाते देखा है. एक बार मैं कहीं जा रहा था. मैंने देखा लता जी एक कॉफी शॉप में गयी. उन्होंने गेट से एंट्री की. कॉफी शॉप में मौजूद हर उम्र के लोग उनको देखते ही उनके सम्मान में खड़े हो गए. यह सम्मान है. यही असली स्टारडम है, जिसने ये पा लिया उसने असली स्टारडम पा लिया.

लता जी ने अपनी सुरीली आवाज से लाखों दिलों को किया घायल

रणबीर ने आगे बताया कि लता जी ने अपनी सुरीली आवाज से लाखों दिलो में अपनी जगह बनायी है. पूरी दुनिया में उनके लाखों चाहने वाले हैं, जिससे जुड़ी बहुत सारी कहानियां भी हैं. मेरे चाचा राजीव कपूर ने मुझे बताया था कि उनकी फिल्म राम तेरी गंगा मैली जब रिलीज हुई थी. कई थियेटरों में सुन साहिबा सुन गाने के बाद फिल्म की स्क्रीनिंग दर्शकों ने रोक दी थी. दर्शकों की मांग थी कि ये गाना फिर से चलाया जाए उसके बाद वह आगे की फिल्म देखेंगे. लता जी आवाज की कुछ ऐसी दीवानगी थी. गौरतलब है कि लता मंगेशकर और रणबीर कपूर दोनों की जन्म तारीख 28 सितंबर है.

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गिफ्ट देने का था बहुत शौक

राम नाम की धुन भजन की रिकॉर्डिंग के दौरान वो गाना उन्हें इतना मोहित कर गया था कि उन्होंने उस गाने के लिए निर्माता से पैसे ही नहीं लिए थे. उन्होंने कहा कि इतना अच्छा भजन बनाया है. मैं इसके पैसे नहीं लुंगी . यह गाना मेरी तरफ से तोहफा समझो. वे अक्सर लोगों को गिट्स अलग अलग तरह से देती रहती थी. फिल्म पेंटर बाबू फिल्म जब हम साथ में कर रहे थे, तो वो मेरे लिए एक बड़ा सा गिफ्ट लेकर आयी थी. वो गिफ्ट पैक था तो मुझे पता नहीं था कि उसमें क्या है. घर जाकर देखा तो उसमें गुरुनानक जी की तस्वीर थी और वो पेंटिंग सिख समुदाय के बहुत बड़े पेंटर हैं नानक सिंह. उन्होंने गुरुनानक साहब की सबसे अच्छी तस्वीर इतिहास में बनायी है. वो अपने आसपास के लोगों का बहुत खयाल रखती थी.

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Author: कोरी

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