प्रियंका गांधी के वाराणसी दौरे और काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन को लेकर संत समाज से सवाल उठाया है. प्रियंका गांधी के विधानसभा चुनाव के पूर्व वाराणासी आगमन और यहां के मंदिरों में दर्शन- पूजन को लेकर अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या हमारे मन्दिर प्रियंका गांधी के लिए पर्यटन का केंद्र है.
प्रियंका गांधी के वाराणसी (Varanasi) के मंदिरों में आने के कार्यक्रम पर स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि आपके भाई राहुल गांधी मंदिर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं. तब आप ही बताइए कि आप हमारे मंदिरों में क्या करने आ रही हैं. क्या हमारे मन्दिर जिनको हमलोग तीर्थ स्थल मानते हैं.आपके लिए प्रचार और पर्यटन का केंद्र है ?
उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव के वक्त आप घूम-घूमकर मन्दिर जा रही हैं. मन्दिर हमारी संस्कृति में आस्था- श्रद्धा- भक्ति का केंद्र है, ना कि चुनाव प्रचार सम्बन्धी अभियान का. मैं प्रियंका गांधी से यही कहूंगा कि चर्च मिशनरियों को मानने वाले लोग हमारे मंदिरों को पर्यटन का केंद्र न बनाए और अपने भाई राहुल गांधी को समझाए.
बताया जा रहा है कि किसान न्याय रैली (Kisan Nyay Rally) को संबोधित करने से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा आज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाद दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी. इस मंदिर में नेहरू-गांधी परिवार से तकरीबन चार दशक पहले लोकसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दर्शन-पूजन के लिए आई थी. उससे पहले बतौर प्रधानमंत्री भी उन्होंने दुर्गाकुंड स्थित मंदिर में हाजिरी लगाई थी.
इनपुट : विपिन कुमार
