आखिर मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाना जरूरी क्यों होती है?

खिचड़ी में चावल का संबंध चंद्रमा से, काली उड़द का संबंध शनिदेव से, हल्दी का संबंध गुरु से और हरी सब्जियों का संबंध बुद्ध से होता है.

मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने और दान करने का विशेष महत्व है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति की खिचड़ी, चालव, काली दाल, हल्दी, मटर और हरी सब्जी खाने का विधान है.

खिचड़ी में चावल का संबंध चंद्रमा से, काली उड़द का संबंध शनिदेव से, हल्दी का संबंध गुरु से और हरी सब्जियों का संबंध बुद्ध से होता है.

मकर संक्रांति के दिन ग्रहों की अनुकूलता होती है. इस वजह से खिचड़ी मकर संक्रांति के दिन खाया जाता है.

मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इस दिन शनि से जुड़ी चीजें दान करने से सूर्य और शनि दोनों की कृपा प्राप्त होती है .

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >