साहिबगंज में रक्त की कमी से उठ रहे सवाल, कैसे बचेगी जरूरतमंदों की जान

क्त अधिकोष गृह में 300 यूनिट क्षमता वाली दो मशीनें उपलब्ध है. यानी ब्लड बैंक में एक साथ 600 यूनिट ब्लड रखा जा सकता है. इसके अलावा केमिकल रखने के लिए अलग से मशीन लगायी गयी है. जिले में 19 थैलेसीमिया के मरीज हैं.

साहिबगंज, अमित सिंह : सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में पिछले तीन दिनों से एक भी यूनिट ब्लड उपलब्ध नहीं है. इस कारण आये दिन मरीजों को ब्लड के लिए भटकना पड़ रहा है. ब्लड बैंक में ब्लड नहीं रहने के कारण मरीज के परिजन डोनरों की तलाश में दिन-रात एक कर रहे हैं. सदर अस्पताल में ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन 5 से 6 मरीज ब्लड के लिए बैरंग वापस लौट रहे हैं. जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा रक्तदान शिविर लगाने के लिए जिले के स्वयंसेवी संस्थाओं के अलावा युवा वर्ग से भी रक्तदान करने की अपील की जा रही है.

रक्त अधिकोष गृह में 300 यूनिट क्षमता वाली दो मशीनें उपलब्ध है. यानी ब्लड बैंक में एक साथ 600 यूनिट ब्लड रखा जा सकता है. इसके अलावा केमिकल रखने के लिए अलग से मशीन लगायी गयी है. जिले में 19 थैलेसीमिया के मरीज हैं. ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार थैलेसीमिया से ग्रसित मरीजों को बिना रिप्लेसमेंट के ही ब्लड बैंक के द्वारा नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में जरूरतमंद मरीजों की जान कैसे बचेगी. इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं. रक्तदान का सेहत पर अच्छा असर होता है. अपनी मर्जी से बिना धन लिए स्वैच्छिक रक्तदान कर जीवन बचाने वाले लोगों को धन्यवाद देने और नियमित रक्तदान की जरूरत के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 14 जून को विश्व रक्त दाता दिवस मनाया जाता है. सुरक्षित रक्त की जरूरत हर जगह है. ताकि प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना, सशस्त्र संघर्ष आदि के दौरान घायलों के इलाज के लिए रक्त भी अहम है.

इन संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराया जाता है ब्लड

जिला मुख्यालय समेत प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा कैंप लगाकर ब्लड उपलब्ध कराया जाता है. ब्लड बैंक के एलटी मो अजहर ने बताया कि मारवाड़ी युवा मंच राजमहल, जयहिंद क्लब बरहेट, कल्याण स्मृति संस्थान बरहरवा, मारवाड़ी युवा मंच, एनएसएस, भाजयुमो, महिंद्रा फाइनांस, जियो रिलायंस, अमृता फाउंडेशन, रेड क्रॉस सोसाइटी, कुम्हार समिति, साहेबगंज महाविद्यालय, उम्मीद फाउंडेशन, असफा फाउंडेशन व हैल्पिंग हैंड्स के द्वारा रक्तदान किया जाता है. इसके अलावा डोनर व्हाटसएप ग्रुप के माध्यम से भी मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है.

रक्त की उपलब्धता
पर एक नजर

वर्ष 2022

माह – रक्त आया – रक्त दिया गया

  • जनवरी – 129 – 141

  • फरवरी – 157 – 137

  • मार्च – 194 – 188

  • अप्रैल – 177 – 196

  • मई – 173 – 183

  • जून – 265 – 225

  • जुलाई – 246 – 238

  • अगस्त – 214 – 229

  • सितंबर – 367 – 311

  • अक्तूबर – 210 – 224

  • नवंबर – 335 – 325

  • दिसंबर – 214 – 165

    वर्ष 2023

  • जनवरी – 143 – 184

  • फरवरी – 176 – 182

  • कुल – 2871 – 2928

मोदी कोला के अभिराम मालतो की तबीयत खराब है. डॉक्टर ने खून चढ़ाने की बात कह चुके हैं. व्यवस्था करने इधर-उधर भटक रहे हैं. ब्लड बैंक में खून नहीं है.

-सुनोती मालतो

अपनी मां के लिए ब्लड लेने ब्लड बैंक में आयी थी. ब्लड नहीं रहने के कारण तीन दिनों से ब्लड के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. बी पॉजिटिव ब्लड की आवश्यकता है.

अंजी हांसदा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >