Karwa Chauth 2020 Date, Puja Muhurat, Timing : देशभर में नजर आया करवा चौथ का चांद, व्रतियों ने चंद्रमा को देखकर खोला अपना व्रत

Karwa Chauth 2020 Date, Time, Vrat Vidhi, Puja Vidhi, Vrat Samagri, Katha: कल करवा चौथ का व्रत है. करवा चौथ के व्रत इस बार 4 नवंबर दिन बुधवार को पड़ रही है. इस व्रत की सारी तैयारी एक-दो दिन पहले ही की जाती है. इस लिए आज ही सारी पूजन सामग्री को इकट्ठा करके घर के मंदिर में रख लें. करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र के लिए रखती है. करवा चौथ का व्रत केवल सजने संवरने का ही पर्व नहीं है, बल्कि करवा माता में पूरी तरह से आस्था रखकर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करने का यह त्यौहार है. इसीलिए इस दिन दोपहर में करवा माता की पूजा करने के बाद रात को चंद्र देव के दर्शन किया जाता है. हर व्रत की तरह इसके भी कुछ नियम व कानून हैं. जिनका पालन करना जरूरी होता है. आइए जानते है पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, व्रत नियम, करवा चौथ व्रत की सामग्री लिस्ट के साथ व्रत से जुड़ा पूरा डिटेल्स...

Live Updates
8:45 PM. 4 Nov 20 8:45 PM. 4 Nov

करवा चौथ पूजन विधि (Pujan Vidhi)

करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से पहले सुबह 4 बजे के बाद शुरु हो जाता है. इस दिन सरगी का खास महत्व होता है. सुहागिन महिलाएं सास से मिली सरगी खाकर व्रत की शुरूआत करती हैं. इस दिन महिलाएं रात में चांद निकलने तक निर्जला व्रत रखती हैं. इस दिन पूजा के लिए शाम के समय एक मिट्टी की वेदी पर देवी-देवताओं की स्थापना की जाती है. चांद निकलने से पहले थाली में धूप, दीप, चंदन, रोली, सिंदूर, घी का दिया रखकर पूजा की जाती है. इस दिन महिलाएं करवा चौथ की व्रत कथा सुनती हैं. इसके बाद चांद निकलने पर महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं, पूजा करती हैं और पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं.

8:45 PM. 4 Nov 20 8:45 PM. 4 Nov

करवा चौथ के लिए 16 श्रृंगार

करवा चौथ पर महिलाएं 16 श्रृंगार करती हैं. ये हैं सुहागिन महिला के 16 श्रृंगार- लाल रंग की साड़ी या लहंगा (या जो भी आप आउटफिट पहनना चाहें), सिंदूर, मंगलसूत्र, बिंदी, नथनी, काजल, गजरा, मेहंदी, अंगूठी, चूड़ियां, ईयररिंग्स (कर्णफूल), मांग टीका, कमरबंद, बाजूबंद, बिछिया और पायल.

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8:45 PM. 4 Nov 20 8:45 PM. 4 Nov

कुंवारी लड़कियां भी करती हैं व्रत

मनवांछित पति पाने की कामना में कुंवारी लड़कियां भी व्रत रखती हैं. मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी चन्द्रमा हैं. राशि के स्वामी शुक्र और बुध हैं. इसलिये बुधवार को दिनभर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा.

7:39 PM. 4 Nov 20 7:39 PM. 4 Nov

करवा का होता है विशेष महत्व

बिना करवा के करवा चौथ की पूजा का कोई अर्थ नहीं होता. इसलिए मिट्टी का करवा जरूर होना  चाहिए। करवा को पवित्र नदी के प्रतीक रूप में पूजा जाता है.

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सींक का होता है विशेष महत्व

करवा चौथ व्रत में सींक का विशेष महत्व होता है. क्योंकि करवा माता की तस्वीर के अलावा सींक भी माता के शक्ति का प्रतीक माना जाता है. सींक का करवा चौथ की पूजा में विशेष महत्व होता है.

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7:39 PM. 4 Nov 20 7:39 PM. 4 Nov

उजमन

अन्य व्रतों के साथ इस करवाचौथ का उजमन किया जाता है, इसमें 13 सुहागनों को भोजन कराने के बाद उनके माथे पर बिन्दी लगाकर और सुहाग की वस्तुऐं एवं दक्षिणा देकर विदा कर दिया जाता है.

7:39 PM. 4 Nov 20 7:39 PM. 4 Nov

कब से कब तक है शुभ मुहूर्त

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी सुबह 3:24 बजे लग जाएगी. दूसरे दिन 5 नवंबर को सुबह 5:14 बजे तक रहेगी. ज्योतिषाचार्य ब्रह्मदेव शुक्ला के मुताबिक इस बार चतुर्थी बुधवार को पड़ने से भगवान गणेश की अर्चना करने से लाभ होगा. महिलाएं इस दिन अखंड सौभाग्य की कामना कर व्रत रखती हैं.

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7:39 PM. 4 Nov 20 7:39 PM. 4 Nov

इस दिन मनाया जाता है करवा चौथ

करवा चौथ का व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है।

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4:48 PM. 4 Nov 20 4:48 PM. 4 Nov

बन रहा है ज्योतिष संजोग

बता दें वर्षों बाद करवा चौथ पर विशेष ज्योतिषीय योग बन रहे हैं. ज्योतिषियों के अनुसार चतुर्थी बुधवार, मृगशिरा नक्षत्र, अहर्निश शिव महायोग, सर्वार्थसिद्धि योग और बुध प्रधान मिथुन राशि का चंद्रमा ये सब अखंड सुहाग के प्रतिमान करवाचौथ को कुछ विशेष बना रहे हैं. ये सभी योग पूरे शिव परिवार का आशीर्वाद प्रदान करने वाले हैं. करवा चौथ चतुर्थी की तिथि बुधवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है

4:36 PM. 4 Nov 20 4:36 PM. 4 Nov

इन राज्यों में विशेष रूप से मनाया जाता है करवा चौथ

यह त्योहार उत्तरी भारत के दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में खास तौर पर मनाया जाता है. इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं. पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत रखती हैं. रात को चंद्रमा को छलनी से देखकर अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं.

3:46 PM. 4 Nov 20 3:46 PM. 4 Nov

ऐसे होगी पूजा

आज रात में जब चंद्रमा निकलेगा और महिलाएं अपने पति की पूजा करेंगी, उस दौरान गोचर कुंडली में बृहस्पति दांपत्य जीवन के भाव में अपनी ही राशि के साथ रहेगा. इससे पति-पत्नी में प्रेम बढ़ने के साथ-साथ घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ेगी.

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ऐसे सजाए पूजा की थाली

चंद्रमा के दर्शन के लिए थाली सजाएं. थाली मैं दीपक, सिन्दूर, अक्षत, कुमकुम, रोली तथा चावल की बनी मिठाई या सफेद मिठाई रखें. संपूर्ण श्रृंगार करें और करवे में जल भर लें. मां गौरी और गणेश की पूजा करें. चंद्रमा के निकलने पर छलनी से या जल में चंद्रमा को देखें. अर्घ्य दें, करवा चौथ व्रत की कथा सुनें. उसके बाद अपने पति की लंबी आयु की कामना करें. अपनी सास या किसी वयोवृद्ध महिला को श्रृंगार का सामान दें तथा उनसे आशीर्वाद लें.

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इस रंग को माना जाता है शुभ

पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग को शुभ नहीं माना जाता है. हो सके तो इस दिन लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है. आप चाहें तो पीले वस्त्र भी पहन सकते हैं.

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आप भी इस करवा चौथ व्रत रख रही हैं तो यहां देखें अपने शहर में चांद के निकलने का समय:

  • दिल्ली में: 08:12 बजे शाम

  • पुणे: 08:49 बजे शाम

  • नोएडा: 08:12 बजे शाम

  • कोलकाता: 07:40 बजे शाम

  • जयपुर: 08:22 बजे शाम

  • मुंबई : 08:52 बजे शाम

  • चेन्नई : 08:33 बजे शाम

  • चंड़ीगढ़: 08:09 बजे शाम

  • गुरुग्राम: 08:13 बजे शाम

  • बंगलुरू: 08:44 बजे शाम

  • हैदराबाद: 08:32 बजे शाम

  • अहमदाबाद: 08:44 बजे शाम

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

करवा चौथ की आरती

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।

यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।

दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।

व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

जानें करवा चौथ पर क्यों दिया जाता है चंद्रमा को अर्घ्य

करवा चौथ पर महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं और रात के समय चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं. करवा चौथ में चंद्र देव की आराधना का महत्व विशेष होता है. शास्त्रों के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि अगर चंद्र देव की उपासना की जाए तो इससे दीर्घ आयु और पति-पत्नी के बीच प्रेम में बढ़ोतरी होती है.

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

पटना में चांद निकलने का समय

4 नवंबर दिन बुधवार 2020 – 07 बजकर 47 मिनट पर

5 नवंबर दिन गुरुवार 2020 – 08 बजकर 36 मिनट पर

6 नवंबर दिन शुक्रवार 2020 – 09 बजकर 31मिनट पर

7 नवंबर दिन शनिवार 2020 – 10 बजकर 28 मिनट पर

8 नवंबर दिन रविवार 2020 – 11 बजकर 29 मिनट पर

9 नवंबर दिन सोमवार 2020 – रात्रि 12 बजे के बाद

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करवा चौथ पर सभी शहरों में चांद निकलने का समय

दिल्ली – रात 8 बजकर 11 मिनट पर

नोएडा – रात 8 बजकर 11 मिनट पर

मुंबई – रात 8 बजकर 51 मिनट पर

जयपुर – रात 8 बजकर 22 मिनट पर

देहरादून – रात 8 बजकर 03 मिनट पर

लखनऊ – रात 8 बजकर 00 मिनट पर

शिमला – रात 8 बजकर 06 मिनट पर

गांधीनगर – रात 8 बजकर 42 मिनट पर

इंदौर – रात 8 बजकर 30 मिनट पर

भोपाल – रात 8 बजकर 23 मिनट पर

अहमदाबाद – रात 8 बजकर 44 मिनट पर

कोलकाता – शाम 7 बजकर 40 मिनट पर

पटना – शाम 7 बजकर 45 मिनट पर

प्रयागराज – रात 8 बजकर 03 मिनट पर

कानपुर – रात 8 बजकर 07 मिनट पर

चंडीगढ़ – रात 8 बजकर 11 मिनट पर

लुधियाना – रात 8 बजकर 11 मिनट पर

जम्मू – रात 8 बजकर 11 मिनट पर

बेंगलूरू – रात 8 बजकर 12 मिनट पर

गुरुग्राम – रात 8 बजकर 12 मिनट पर

असम – शाम 7 बजकर 19 मिनट पर

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

यूट्यूब पर सुनें कथाएं

इस बार महिलाएं सामूहिक पूजा में शामिल न होकर यूटयूब, लाइव वीडियो कॉल में कथाएं सुनेंगी. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए इस तरह की सावधानी रखना बहुत ही जरूरी होगा.

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

आज बन रहा है बुधादित्य योग

करवा चौथ पर बुध के साथ सूर्य ग्रह भी विद्यमान होंगे, दोनों की युति बुधादित्य योग बनाएगी, इसके अलावा इस दिन शिवयोग के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, सप्त कीर्ति, महादीर्घायु और सौख्य योग बन रहे हैं. सर्वार्थ सिद्धि में चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो रही है, जबकि इस तिथि का अंत मृगशिरा नक्षत्र में होगा.

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

इस मंत्र के जप से पूजा का करें प्रारंभ

पूजा के समय इस मन्त्र के जप से व्रत शुरू करें. मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुथीज़् व्रतमहं करिष्ये।’ अब जिस स्थान पर आप पूजा करने वाले हैं उस दीवार पर गेरू से फलक बनाकर चावल के पीसें हुए घोल से करवा चित्रित करें. इस विधि को करवा धरना कहा जाता है.

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

आज लाल या पीले वस्त्र ही पहनें

व्रती महिलाएं पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग को शुभ नहीं माना जाता है. इस दिन लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है. आप चाहें तो पीले वस्त्र भी पहन सकते हैं.

5:46 AM. 4 Nov 20 5:46 AM. 4 Nov

क्यों रखते हैं करवा चौथ का व्रत

हिंदू मान्यता के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी के दिन सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का कठिन व्रत रखती हैं.

5:30 AM. 4 Nov 20 5:30 AM. 4 Nov

करवा चौथ की शुभ मुहुर्त

चतुर्थी तिथि प्रारंभ 4 नवंबर 2020 दिन बुधवार की सुबह 03 बजकर 24 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्त 5 नवंबर 2020 की सुबह 05 बजकर 14 मिनट तक

करवा चौथ व्रत का समय 4 नवंबर 2020 की सुबह 06 बजकर 35 मिनट से रात 08 बजकर 12 मिनट तक

कुल अवधि 13 घंटे 37 मिनट

पूजा की शुभ मुहुर्त 4 नवंबर की शाम 05 बजकर 34 मिनट से शाम 06 बजकर 52 मिनट तक

कुल अवधि 1 घंटे 18 मिनट

करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय: रात 08 बजकर 12 मिनट पर

5:30 AM. 4 Nov 20 5:30 AM. 4 Nov

करवा चौथ के नियम और सावधानियां

करवा चौथ का व्रत केवल सुहागिनें या जिनका रिश्ता तय हो गया है, वही महिलाएं ये व्रत रख सकती हैं. यह व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जल रखा जाता है. व्रत रखने वाली कोई भी महिला इस दिन काला या सफेद वस्त्र नहीं पहनती हैं. लाल वस्त्र सबसे अच्छा है. पीला भी पहना जा सकता है. इस दिन पूर्ण श्रृंगार और पूर्ण भोजन जरूर करना चाहिए.

9:51 PM. 3 Nov 20 9:51 PM. 3 Nov

व्रत के दौरान ऐसा ना करें महिलाएं

व्रत करने वाली महिलाओं को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए. महिलाओं को घर में किसी बड़े का अपमान नहीं करना चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि करवा चौथ के दिन पत्नी को पति से बिल्कुल झगड़ा नहीं करना चाहिए.

5:30 AM. 4 Nov 20 5:30 AM. 4 Nov

ऐसा करना माना जाता है अशुभ

खुद न सोने के अलावा इस दिन महिलाओं को घर के किसी भी सोते हुए सदस्य के उठाना नहीं चाहिए. हिंदू शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के दिन किसी सोते हुए व्यक्ति को नींद से उठाना अशुभ होता है.

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9:08 PM. 3 Nov 20 9:08 PM. 3 Nov

पूजा-पाठ में ये रंग माना जाता है शुभ

पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग को शुभ नहीं माना जाता है. हो सके तो इस दिन लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है. आप चाहें तो पीले वस्त्र भी पहन सकते हैं.

9:08 PM. 3 Nov 20 9:08 PM. 3 Nov

सरगी करते वक्त इस दिशा में बैठें

सरगी अर्थात व्रत के समय का खाना खाते समय दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें.जिससे आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी, जो व्रत में आपके लिए मददगार साबित होगी.

9:08 PM. 3 Nov 20 9:08 PM. 3 Nov

सरगी का है खास महत्व

सास की दी गई सरगी करवा चौथ पर शुभ मानी जाती है. व्रत शुरू होने से पहले सास अपनी बहू को कुछ मिठाइयां, कपड़े और श्रृंगार का सामान देती है. सरगी का भोजन करें और भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें.

7:58 PM. 3 Nov 20 7:58 PM. 3 Nov

करवा चौथ का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ के दिन इस दिन मां पार्वती, भगवान शिव कार्तिकेय और गणेश जी का पूजन किया जाता है. इस व्रत में मां पार्वती से सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं. इस दिन करवे में जल भरकर कथा सुनने का विधान है. महिलाएं सुबह सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं.

7:58 PM. 3 Nov 20 7:58 PM. 3 Nov

बन रहा है रोहिणी नक्षत्र मंगल ग्रह का योग

वहीं ज्योतिषीय गणना के मुताबिक इस दिन रोहिणी नक्षत्र और मंगल का योग एक साथ बन रहा है. करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना अपने आप में एक अद्भुत है. यह योग करवा चौथ को और अधिक मंगलकारी बना रहा है. इससे करवा चौथ व्रत करने वाली महिलाओं को पूजन का फल हजारों गुना अधिक मिलेगा.

12:25 PM. 4 Nov 20 12:25 PM. 4 Nov

इस बार बन रहा है ये शुभ संयोग

करवा चौथ पर बुध के साथ सूर्य ग्रह भी विद्यमान होंगे, दोनों की युति बुधादित्य योग बनाएगी. इसके अलावा इस दिन शिवयोग के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, सप्त कीर्ति, महादीर्घायु और सौख्य योग बन रहे हैं. सर्वार्थ सिद्धि में चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो रही है, जबकि इस तिथि का अंत मृगशिरा नक्षत्र में होगा.

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7:12 PM. 3 Nov 20 7:12 PM. 3 Nov

करवा चौथ का शुभ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि प्रारंभ – सुबह 4 बजकर 24 मिनट पर (4 नवंबर 2020)

चतुर्थी तिथि समाप्त – सुबह 6 बजकर 14 मिनट पर  (5 नवंबर 2020) 

चंद्रोदय का समय – रात 8 बजकर 16 मिनट पर

करवा चौथ पूजा मुहूर्त – शाम 5 बजकर 29 मिनट से शाम 6 बजकर 48 मिनट तक

7:12 PM. 3 Nov 20 7:12 PM. 3 Nov

ऐसी महिलाएं कर सकती हैं करवा चौथ व्रत

करवा चौथ का व्रत केवल सुहागिन या ऐसी महिलाएं ही कर सकती हैं जिनका रिश्ता हो गया है. पति या मंगेतर के लिए किया गया व्रत बेहद फलदायी माना जाता है

6:35 PM. 3 Nov 20 6:35 PM. 3 Nov

इन चीजों का प्रयोग है वर्जित

करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. सुई-धागे का काम न करें. कढ़ाई, सिलाई या बटन लगाने का काम आज के दिन न ही करें तो अच्छा है.

6:08 PM. 3 Nov 20 6:08 PM. 3 Nov

व्रत से पहले खाएं इन चीजों को

शरीर में फाइबर की पर्याप्त मात्रा इंसान की भूख को लंबे समय तक कंट्रोल कर सकती है. इसलिए व्रत से एक दिन पहले ऐसी चीजें खाएं जिनमें फाइबर ज्यादा होता है. इसके लिए एवोकाडो, दाल, राजमा, ओट्स और चिया सीड्स सबसे बेहतरीन चीजें होती हैं.

5:36 PM. 3 Nov 20 5:36 PM. 3 Nov

इन चीजों को खाने से करें परहेज

अगर आप करवा चौथ या किसी भी कठिन व्रत का संकल्प लेने जा रहे हैं तो एक दिन पहले कुछ चीजों का सख्त परहेज करना होगा. व्रत से एक दिन पहले ऐसी चीज बिल्कुल न खाएं, जिसे पचा पाना शरीर के लिए मुश्किल हो. ऐसे में मांस, फ्राई फूड और कई तरह के डेयरी प्रोडक्ट्स खाने से बचना चाहिए.

5:15 PM. 3 Nov 20 5:15 PM. 3 Nov

इस दिन मनाया जाता है करवाचौथ

करवाचौथ, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं.

5:00 PM. 3 Nov 20 5:00 PM. 3 Nov

ऐसे होता है करवा चौथ का व्रत

करवा चौथ व्रत के दौरान महिलाएं सूर्योदय से सूर्यास्त तक कुछ भी खाती-पीती नहीं हैं. शाम को छलनी से चांद को देखा जाता है. व्रत करने वाली महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं. इसके बाद पति से जल ग्रहण कर पत्नियां अपना व्रत पूरा करती हैं.

4:31 PM. 3 Nov 20 4:31 PM. 3 Nov

चांद को देखकर खोला जाता है व्रत

इस व्रत को पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा मध्य प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाता है. हालांकि, आजकल यह त्यौहार लगभग हर कोई मनाने लगा है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं. फिर रात में चंद्रमा दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है.

4:21 PM. 3 Nov 20 4:21 PM. 3 Nov

आराम करके बिताएं दिन

गर्भवती महिलाएं आराम करके आसानी से दिन व्यतीत कर सकती हैं. सुबह सरगी के बाद दिनभर आराम करें और शाम को पूजा के समय उठ जाएं. इस तरह से शरीर में थकान भी नहीं रहेगी और दिन भी आसानी से बीत जाएगा.

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दूध का सेवन करें

सरगी के दौरान भूलवश भी चाय या कॉफी न लें, यह पूरा दिन नुकसान पहुंचा सकते हैं. खाली पेट इनका सेवन करने से पेट में गर्मी बढ़ सकती है,साथ ही गैस की समस्या भी हो सकती है, इसलिए दूध का ही सेवन करें.

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पूरे दिन भूखे न रहें

गर्भावस्था में पूरे दिन भूखे रहकर व्रत करने का कोई विकल्प नहीं होता है. यह शरीर के लिए ठीक नहीं होता है इसलिए थोड़े फल और सूखे मेवे खा लेने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. फलों का नमक के साथ सेवन न करें.

4:21 PM. 3 Nov 20 4:21 PM. 3 Nov

गर्भावति महिलाओं के लिए परामर्श है आवश्यक

गर्भावस्था में व्रत रखने जा रहे हैं, तो बेहद जरूरी है कि अपने डॉक्टर से परामर्श ले लें. आपकी डॉक्टर आपकी सेहत को बखूबी जानती हैं. यदि थोड़ी भी समस्या है और वे अनुमति नहीं दे रही हैं तो फिर व्रत रखने का विचार त्याग दें.

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गणेश जी की पूजा से व्रत की शुरुआत

करवा चौथ के दिन प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा से व्रत की शुरुआत की जाती है.

2:30 PM. 3 Nov 20 2:30 PM. 3 Nov

दोपहर में या शाम को कथा

इस दिन महिलाएं दोपहर में या शाम को कथा सुनने का काम करतीं हैं. कथा के लिए पटरे पर चौकी में जलभरकर रखा जाता है. थाली में रोली, गेंहू, चावल, मिट्टी का करवा, मिठाई, बायना का सामान आदि रखा जाता है.

2:30 PM. 3 Nov 20 2:30 PM. 3 Nov

पूरे दिन महिलाएं निर्जला रहतीं हैं

इस व्रत में पूरे दिन महिलाएं निर्जला रहतीं हैं. व्रत में पूरा श्रृंगार किया जाता है.

12:52 PM. 3 Nov 20 12:52 PM. 3 Nov

यहां जानें करवा चौथ की पूजन सामग्री

कल करवा चौथ का व्रत सुहागिनें रखेंगी. इसके लिए आज ही सारी पूजन सामग्री को इकट्ठा करके घर के मंदिर में रख दें. पूजन सामग्री इस प्रकार है. मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन, पानी का लोटा, गंगाजल, दीपक, रूई, अगरबत्ती, चंदन, कुमकुम, रोली, अक्षत, फूल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, चीनी, हल्‍दी, चावल, मिठाई, चीनी का बूरा, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ और दक्षिणा के पैसे.

12:52 PM. 3 Nov 20 12:52 PM. 3 Nov

सरगी में आपको इन चीजों को करना चाहिए शामिल

सरगी में आप सेवई या खीर खा सकती हैं. यह दूध की बनती है और दूध में प्रोटीन होता है. दिनभर आपके शरीर में प्रोटीन बनाए रखने के लिए करवाचौथ की शुरुआत सेवई खाकर जरूर करें.

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जानें सरगी में क्या होनी चाहिए शामिल

सरगी में मिठाइयां, मठरी, सेवइयां या फिरनी, सूखे मेवे, नारियल, पूरी या परांठे, कढ़ी और एक गिलास जूस या नारियल का पानी शामिल करना चाहिए. फल बहुत जल्दी पच जाते हैं लेकिन कम समय में जरूरी पोषण और ऊर्जा के लिए ये जरूरी हैं. रोटी के साथ हरी सब्जी और सलाद जरूर लें, यह भी दिन भर ऊर्जा देने के साथ ही पोषण की आपूर्ति करेगा.

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यहां जानें कैसे सजाएं पूजा की थाली

चंद्रमा के दर्शन के लिए थाली सजाएं. थाली मैं अक्षत, कुमकुम, दीपक, सिन्दूर, रोली तथा चावल की बनी मिठाई या सफेद मिठाई रखें. संपूर्ण श्रृंगार करें और करवे में जल भर लें. इसके बाद मां गौरी और गणेश की पूजा करें. चंद्रमा के निकलने पर छलनी से या जल में चंद्रमा को देखें. अर्घ्य दें, करवा चौथ व्रत की कथा सुनें. उसके बाद अपने पति की लंबी आयु की कामना करें. अपनी सास या किसी वयोवृद्ध महिला को श्रृंगार का सामान दें तथा उनसे आशीर्वाद लें.

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क्या होती है सरगी

कुछ परंपरा इस पर्व का जरूरी हिस्सा होती हैं. इनमें सरगी भी एक है. सरगी भोजन की एक थाली को कहा जाता है जो की सास अपनी बहू को देती है. बहू सरगी को प्रसाद समझ ग्रहण करने के बाद ही करवा चौथ का व्रत रखती है. यदि घर में सास नहीं है तो जेठानी या बड़ी ननद या कोई भी बुजुर्ग महिला इसे देती है. सरगी खाने का खास मकसद है कि पूरा दिन व्रत के दौरान बॉडी में एनर्जी बनी रहे.

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करवा चौथ के नियम

केवल सुहागिनें या जिनका रिश्ता तय हो गया है, वहीं महिलाएं ये व्रत रख सकती हैं. यह व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जल रखा जाता है. व्रत रखने वाली कोई भी महिला काला या सफेद वस्त्र नहीं पहनती हैं. लाल वस्त्र सबसे अच्छा है. पीला भी पहना जा सकता है. इस दिन पूर्ण श्रृंगार और पूर्ण भोजन जरूर करना चाहिए.

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करवा चौथ में चंद्रमा की पूजा का है महत्व

धार्मिक मान्यता है कि चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है. चंद्रमा की पूजा से वैवाहिक जीवन सुखी होती है और पति की आयु लंबी होती है.

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सूर्योदय से पहले खा लेनी चाहिए सरगी

मान्यता है कि सूर्योदय से पहले सरगी खा लेनी चाहिए. यह सरगी सास बहू को देती है. सरगी खाते समय दक्षिण दिशा की ओर मुंह करना शुभ होता है.

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शुभ मुहूर्त

करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त 4 नवंबर दिन मंगलवार की शाम 05 बजकर 29 मिनट से शुरू हो जाएगा. यह शाम 06 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. चंद्रोदय शाम 7 बजकर 57 म‍िनट पर होगा.

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चंद्र दर्शन के बाद खोलें व्रत

करवा चौथ का व्रत रात के समय चंद्र देव की पूजा और अर्घ्य देकर ही संपन्न होता है. छलनी पर दीया रखकर चंद्रमा को देखें और फिर पति के चेहरे को देखकर व्रत खोलें जानें की मान्यता है.

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करवा चौथ के दिन सरगी का भी है विशेष महत्व

करवा चौथ के दिन सरगी का भी विशेष महत्व है. इस दिन व्रत करने वाली महिलाएं और लड़कियां सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने के बाद सरगी खाती हैं. सरगी आमतौर पर सास तैयार करती है. सरगी में सूखे मेवे, नारियल, फल और मिठाई खाई जाती है. अगर सास नहीं है तो घर का कोई बड़ा भी अपनी बहू के लिए सरगी बना सकता है, जो लड़कियां शादी से पहले करवा चौथ का व्रत रख रही हैं. उसके ससुराल वाले एक शाम पहले उसे सरगी दे आते हैं. सरगी सुबह सूरज उगने से पहले खाई जाती है ताकि दिन भर ऊर्जा बनी रहे.

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ऐसे की जाती है करवा चौथ की पूजा

करवा पर 13 बिंदी रखें और गेहूं या चावल के 13 दाने हाथ में लेकर करवा चौथ की कथा कहें या सुनें. इसके बाद करवा पर हाथ घुमाकर अपने सभी बड़ों का आशीर्वाद लें और करवा उन्हें दे दें. पानी का लोटा और 13 दाने गेहूं के अलग रख लें. चंद्रमा के निकलने के बाद छलनी की ओट से पति को देखें और चन्द्रमा को अर्घ्य दें. चंद्रमा को अर्घ्य देते वक्त पति की लंबी उम्र और जिंदगी भर आपका साथ बना रहे इसकी कामना करें. अब पति को प्रणाम कर उनसे आशीर्वाद लें और उनके हाथ से जल पीएं. अब पति के साथ बैठकर भोजन करें.

Karwa Chauth 16 Shringar 2020: करवाचौथ पर हर सुहागन को दुल्हन की तरह सजना-सवरना होता है जरूरी, यहां जानें 16 शृंगार की क्या है मान्यताएं…

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पूजन सामग्री

मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन, पानी का लोटा, गंगाजल, चंदन, कुमकुम, रोली, दीपक, रूई, अगरबत्ती, अक्षत, फूल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, मिठाई, चीनी का बूरा, चीनी, हल्दी, चावल, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ और दक्षिणा के पैसे.

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पूजा विधि

सूर्यादय से पहले सरगी ग्रहण करें और फिर दिन भर निर्जला व्रत रखें. दीवार पर गेरू से फलक बनाएं और भिगे हुए चावलों को पीसकर घोल तैयार कर लें. इस घोल से फलक पर करवा का चित्र बनाएं. वैसे बाजार में आजकर रेडीमेड फोटो भी मिल जाती हैं. इन्हें वर कहा जाता है. चित्रित करने की कला को करवा धरना का जाता है. आठ पूरियों की अठावरी बनाएं. मीठे में हल्वा या खीर बनाएं और पकवान भी तैयार करें. अब पीली मिट्टी और गोबर की मदद से माता पार्वती की प्रतिमा बनाएं. अब इस प्रतिमा को लकड़ी के आसान पर बिठाकर मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी और बिछुआ अर्पित करें. जल से भर हुआ लोट रखें. करवा में गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें. रोली से करवा पर स्वास्तिक बनाएं. अब गौरी-गणेश और चित्रित करवा की पूजा करें.

मुख्य बातें

Karwa Chauth 2020 Date, Time, Vrat Vidhi, Puja Vidhi, Vrat Samagri, Katha: कल करवा चौथ का व्रत है. करवा चौथ के व्रत इस बार 4 नवंबर दिन बुधवार को पड़ रही है. इस व्रत की सारी तैयारी एक-दो दिन पहले ही की जाती है. इस लिए आज ही सारी पूजन सामग्री को इकट्ठा करके घर के मंदिर में रख लें. करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र के लिए रखती है. करवा चौथ का व्रत केवल सजने संवरने का ही पर्व नहीं है, बल्कि करवा माता में पूरी तरह से आस्था रखकर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करने का यह त्यौहार है. इसीलिए इस दिन दोपहर में करवा माता की पूजा करने के बाद रात को चंद्र देव के दर्शन किया जाता है. हर व्रत की तरह इसके भी कुछ नियम व कानून हैं. जिनका पालन करना जरूरी होता है. आइए जानते है पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, व्रत नियम, करवा चौथ व्रत की सामग्री लिस्ट के साथ व्रत से जुड़ा पूरा डिटेल्स…

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