कंगना रनौत की बहन रंगोली चंदेल का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया है. रंगोली सोशल मीडिया पर कमेंट की वजह से कई बार विवादों में पड़ चुकी हैं. अब नियमों का उल्लंघन करने पर रंगोली चंदेल का ट्विटर अकाउंट निलंबित कर दिया गया है. खबरों के अनुसार, मुरादाबाद के पथराव की घटना के बारे में विवादास्पद ट्वीट करने के बाद उनका ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया.
रंगोली ने दी प्रतिक्रिया
अब इसपर रंगोली चंदेल का एक बयान आया है. उन्होंने कहा,’ ट्विटर अमेरिकन प्लेटफॉर्म है और वो एंटी इंडियन चीजों का समर्थन करता है. आप यहां हिंदू भगवानों का मजाक उड़ा सकते हैं, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आतंकवादी बोल सकते हैं. लेकिन आप पत्थरबाजी करने वालों को कुछ नहीं कह सकते. अकाउंट सस्पेंड किए जा रहे हैं. मैं अपने दृष्टिकोण और ईमानदार राय को लेकर सच्ची हूं. मैंने तय किया है कि मैं अपने अकाउंट को रिकवर नहीं कर रही हूं, मैं अपनी बहन की प्रवक्ता हूं, अब आप सीधे उनके इंटरव्यू देखेंगे. वह एक बहुत बड़ी स्टार है, जिसके पास पहुंचने के कई तरीके हैं, एक पक्षपाती मंच से आसानी से बचा जा सकता है.’
फिल्म निर्माता रीमा कागती ने मुंबई पुलिस को टैग किया था जिसमें उन्होंने रंगोली के एक पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया गया था. जिसका समर्थन करते हुए कुबरा सैत ने ट्विटर पर रंगोली का अकाउंट सस्पेंड करने की जानकारी दी थी.
सुज़ैन खान की बहन फराह खान ने भी रंगोली चंदेल के ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने की जानकारी साझा की थी. उन्होंने इसके लिए ट्विटर को धन्यवाद दिया है. उन्होंने लिखा कि,’ उन्होंने हमेशा एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बनाया और उदारवादी मीडिया को भी घेरा और खुद की तुलना नाज़ी से की.’
बता दें कि बीते दिनों रंगोली को विवादित ट्वीट्स न करने के लिए चेतावनी मिली थी. इसकी जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट करके बताई थी.रंगोली ने लिखा था, ‘ट्विटर की ओर से मुझे चेतावनी मिली है.’ उन्होंने लिखा था,’ तो क्या यह ट्विटर राष्ट्रविरोधी है… जब मैंने ट्विटर ज्वॉइन किया था तो लोगों ने कहा कि यह मरा हुआ है इंस्टा पर चले जाओ.’ इसके बाद रंगोली ने यह भी कहा था कि अगर ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करता है तो वह यूट्यूब चैनल खोल लेंगी.
क्या है मामला ?
दरअसल 15 अप्रैल का यूपी के मुरादाबाद में एक कोरोना संक्रमित मरीज को लेने पहुंची डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की टीम पर वहां के स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था. सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों पर भी हमला हो गया था. जिसमें कई लोग घायल हो गये थे.
इसी पर विरोध जताते हुए रंगोली चंदेल ने कहा था,’ एक जमाती कोरोना वायरस से मर गया. जब डॉक्टर्स और पुलिसवाले इन्हें चेक करने गए तो ये उन पर हमला करते हैं और मार देते हैं. सेक्युलर मीडिया और मुल्लाओं को एक लाइम में खड़ा कर के गोली मार देनी चाहिए. हमें इतिहास की परवाह नहीं करनी चाहिए कि कोई हमें नाजी कहेगा. जिंदगी फेक इमेज से ज्यादा कीमती है.”
