JPSC मेंस की तैयारी छोड़ चुनावी मैदान में उतरी अर्चना, हजारीबाग की चोरदाहा पंचायत से किया नॉमिनेशन

अधिकारी बनने की इच्छा रहकर 7th JPSC मेंस की परीक्षा में लगी अर्चना हेंब्रम अब मुखिया बनने को आतुर है. अर्चना ने हजारीबाग की चोरदाहा पंचायत से मुखिया पद के लिए नॉमिनेशन किया है. अर्चना के अचानक फैसले ने सभी को चौंका दिया है, वहीं लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बन गयी है.

Jharkhand Panchayat Chunav 2022: हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड में पहले चरण के नामांकन के बाद मुखिया पद के कई पुराने उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, तो कुछ नये चेहरों ने उम्मीदवारी पेश किया है. इस बार की पंचायत चुनाव में कई युवा उम्मीदवारों ने राजनीतिक पारी की शुुरुआत की है.

चोरदाहा पंचायत में मुखिया पद के तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में

चौपारण प्रखंड के चोरदाहा पंचायत को इस बार अनुसूचित जनजाति के लिए महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है. इस पंचायत से पांच उम्मीदवारों ने नामंकन पर्चा दाखिल कर चुनावी अभियान की शुरुआत की है. स्क्रूटनी में दो प्रत्याशियों के नामांकन पत्र को रद्द कर दिया गया है. अब इस पंचायत से तीन महिला मुखिया पद के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.

ऑफिसर बनने की चाहत रखने वाली अर्चना भी चुनावी मैदान में

चोरदाहा पंचायत के मुखिया पद के प्रत्याशियों में अर्चना हेम्ब्रम भी एक है. अर्चना कल तक ऑफिसर बनने की लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई कर रही थी. महज पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही उसका मन-मिजाज बदल गया और वे अब गांव की सरकार बनने की चाहत लेकर चुनावी मैदान में हैं.

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JPSC मेंस की तैयारी में जुटी थी अर्चना

मुखिया पद की प्रत्याशी अर्चना हेम्ब्रम ग्रेजुएट के बाद 7वीं जेपीएससी के पीटी परीक्षा उतीर्ण कर मेंस की तैयारी कर रही थी. चोरदाहा पंचायत को आरक्षित होने के बाद 26 वर्षीय अर्चना ने चोरदाहा पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ने का लिया निर्णय है. प्रभात खबर से बातचीत में अर्चना ने बताया उसने प्रारंभिक पढ़ाई कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका उच्च विद्यालय, मानगढ़ से किया. आगे की पढ़ाई उसने हजारीबाग में रहकर की है.

पंचायतों में विकास को प्राथमिकता देना अर्चना का उद्देश्य

अर्चना की मां अहरी नावाडीह में आंगनबाड़ी सेविका है. बचपन में ही अर्चना के सर से पिता का साया उठ गया, पर उसकी मां ने हिम्मत नहीं हारी और पढ़ाई के लिए हमेशा अर्चना को प्रेरित करती रही. अर्चना कहती है कि वे गांव की सरकार बनकर पंचायत में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, सड़क, बिजली सहित बुनियादी सुविधाएं गांव में बहाल करना चाहती है. साथ ही कहा कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल होगा. अर्चना विशेषकर समाज के अपेक्षित एवं वंचितों तक विकास का लाभ पहुंचना चाहती है.

रिपोर्ट : अजय ठाकुर, चौपारण, हजारीबाग.

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