हजारीबाग के ढेंगा गोलीकांड में पुलिस ने माना फायरिंग में लोग हुए थे घायल, FIR व चार्जशीट में छुपाये थे तथ्य

ढेंगा गोलीकांड मामले में पुलिस ने हाइकोर्ट में हलफनामा दायर किया, जिसमें उन्होंने माना कि इस घटना में कई लोग घायल हुए थे. पुलिस ने इस बात को भी माना कि एफआइआर व चार्जशीट में पुलिस ने छुपाये थे तथ्य.

Jharkhand Hazaribagh News हजारीबाग : हजारीबाग के बड़कागांव में 14 अगस्त 2015 को ढेंगा में किसान अधिकार महारैली के दौरान हुए गोलीकांड में अब नया मोड़ सामने आया है. इस मामले में पुलिस की ओर से बड़कागांव इंस्पेक्टर श्यामचंद्र सिंह ने हाइकोर्ट में हलफनामा दायर किया है. इसमें पुलिस ने ढेंगा गोलीकांड के दौरान घायल मंटू सोनी को गन शॉट इंज्युरी (गोली से घायल) होने की बात स्वीकार की है.

जबकि घटना को लेकर दर्ज एफआइआर व चार्जशीट में गन शॉट इंज्युरी की बात पुलिस ने नहीं मानी थी. मामले में प्रभात खबर ने ‘तथ्य की भूल बता पुलिस ने किया केस बंद, अफसरों को किया बरी’ शीर्षक से 10 फरवरी 2019 को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी. विधानसभा में पूछे गये पहले सवाल के जवाब में भी किसी को गन शॉट इंज्युरी होने की बात से इंकार किया था.

जबकि बाद में विधानसभा सत्र के दौरान सवाल पर सरकार ने माना था कि उक्त घटना में गन शॉट इंज्युरी हुई थी. हाइकोर्ट में मंटू सोनी की तरफ से अधिवक्ता अभिषेक कृष्ण गुप्ता ने क्रिमिनल रिट संख्या 127/21 दायर कर कोर्ट में कहा था कि मंटू सोनी पीड़ित हैं, पुलिस ने उसे अभियुक्त बना दिया है. मंटू सोनी गोली से घायल हुआ था. हजारीबाग सदर अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस ने उसे बड़कागांव थाना कांड संख्या 167/15 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

मंटू सोनी द्वारा जेल से लिखे पत्र के आधार पर निचली अदालत द्वारा पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश देने के एक साल बाद बड़कागांव कांड संख्या 214/16 दर्ज किये जाने के आरोप में पुलिस ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. वहीं सोनी के आवेदन पर बड़कागांव थाना कांड संख्या 214/16 व कांड संख्या 167/15 में मंटू सोनी के खिलाफ एएसआइ ओमप्रकाश को अनुसंधानकर्ता बनाये जाने व तत्कालीन एसडीपीओ अनिल सिंह द्वारा गन शॉट इंज्यूरी का सबूत और तथ्यों को मिलान नहीं करते हुए मनमर्जी से नियम विरुद्ध मिस्टेक ऑफ फैक्टस बताते हुए अभियुक्तों को रिहा किये

जाने की कोर्ट में अनुशंसा के आरोप पर पुलिस ने हाइकोर्ट में कोई जवाब नहीं दिया है. बता दें कि घटना के दिन हुई गोलीकांड में छह लोगों को गोली लगने की बात सामने आयी थी. इसमें मंटू सोनी को सीने में बायीं ओर और बायां हाथ, श्रीचंद्रराम को सीना, संजय राम को जांघ, संतोष राम को बाजू और जुबैदा खातून को कमर के पीछे गोली लगी थी.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat khabar news desk

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