टोक्यो ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में 8वें दिन भारत के लिए काफी निराशाजनक रहा. पीवी सिंधु जिनसे गोल्ड की उम्मीद की जा रही थी, सेमीफाइनल में हार गयीं. लेकिन शाम होते-होते हॉकी से बड़ी खुशखबरी मिली. भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian women’s hockey team) क्वार्टर फाइनल (quarter-finals) में पहुंच गयी है. इसके साथ ही महिला हॉकी टीम ने 41 साल के इतिहास को एक फिर से दोहरा दिया है. 41 साल के बाद महिला हॉकी टीम ओलंपिक में फिर से क्वार्टर फाइनल में पहुंची है.
कैसे हुआ यह चमत्कार ?
दरअसल यह चमत्कार तब हुआ, जब मौजूदा चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन ने आयरलैंड पर 2-0 से हरा दिया. ब्रिटेन से हार के बाद आयरलैंड की टीम अपने ग्रुप में नंबर पांच पर पहुंच गयी, जिससे भारतीय टीम को एक स्थान का लाभ हुआ और नंबर चार पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंच गयी. भारत ग्रुप ए में छह अंक लेकर चौथे स्थान पर रहा. उसने लगातार मैचों में आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका को हराया. सोमवार को क्वार्टर फाइनल में भारत का सामना पूल बी से टॉप पर रहे ऑस्ट्रेलिया से होगा. प्रत्येक पूल से चोटी की चार टीमें नाकआउट दौर में पहुंचती हैं.
1980 मास्को ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी महिला हॉकी टीम
मालूम हो इससे पहले भारतीय महिला टीम का ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1980 में मास्को ओलंपिक में रहा. जिसमें भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी, लेकिन आखिर में उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था.
गौरतलब है शनिवार 31 जुलाई को भारतीय महिला हॉकी टीम दक्षिण अफ्रीका पर 4-3 की धमाकेदार जीत दर्ज की. भारत की जीत में वंदना कटारिया का अहम रोल रहा. वंदना ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत में ऐतिहासिक हैट्रिक बनायी. वंदना ने चौथे, 17वें और 49वें मिनट में गोल किया. वह ओलंपिक के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई.
