वायुसेना की स्पेशल फोर्स 'गरुड़' चीन सीमा पर तैनात, इन हथियारों से दुश्मनों को देंगे जवाब, देखें तस्वीर

सीमा पर तैनात किए गए गरुड़ के जवान अमेरिका सिग सॉयर और रूसी एके-103 असॉल्ट राइफल से लैस हैं. वहीं, वायुसेना के एक अधिकारी के अनुसार गरुड़ विशेष बलों को भविष्य में भारत निर्मित एके-203 असॉल्ड राइफलें प्रदान की जाएंगी.

भारतीय वायुसेना के गरुड़ विशेष बलों को विशेष अभियानों के लिए पूर्वी लद्दाख से अरुणाचल तक तैनात किया गया है. वायुसेना की गरुड़ इकाई अमेरिका और रूसी हथियारों से लैस होगी. बता दें कि गरुड़ विशेष बल आतंक विरोधी सहित अन्य विशेष अभियानों में अहम भूमिका निभाता है.

सीमा पर तैनात किए गए गरुड़ के जवान अमेरिका सिग सॉयर और रूसी एके-103 असॉल्ट राइफल से लैस हैं. वहीं, वायुसेना के एक अधिकारी के अनुसार गरुड़ विशेष बलों को भविष्य में भारत निर्मित एके-203 असॉल्ड राइफलें प्रदान की जाएंगी.

गरुड़ रेजिमेंट के एक अधिकारी ने समचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, गरुड़ देश व विदेश में जितनी भी सैनाएं हैं, उनमें सबसे सर्वश्रेष्ठ है. उन्होंने कहा, अगर बात सेना की ट्रेनिंग या फिर हथियारों की होती है तो गरुड़ का नाम सबसे ऊपर होता है चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो.

गुरुड़ स्पेशल फोर्स को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात किया गया है. यह सेना चीन की गतिविधियों के साथ-साथ अधिक ऊंचाई वालें क्षेत्रों पर नजर रख रहे हैं. वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि गरुड़ बलों को लद्दाख से लेकर सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश तक तैनात किया गया है. यहां वे जरूरत पड़ने पर विशेष अभियान भी चला सकते हैं.

फिलहाल भारतीय वायुसेना की इकाई गरुड़ को अमेरिका और रूस निर्मित हथियारों के भारत-चीन सीमा पर तैनात किया गया है. वहीं, आने वाले दिनों में भारत निर्मित नवीनतम संस्करण एके-203 के साथ जवानों को लैस किया जाएगा.

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By Piyush Pandey

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