Women's Junior Asia Cup 2023: जापान को हराकर फाइनल में पहुंची भारतीय टीम, FIH वर्ल्ड कप का टिकट भी कटाया

Women's Junior Asia Cup 2023 final: सुनेलिता टोप्पो के मैदानी गोल के दम पर भारत ने महिला जूनियर एशिया कप हॉकी के रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में जापान को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह पक्की करने के साथ एफआईएच जूनियर विश्व कप का टिकट भी कटा लिया है.

Women’s Junior Asia Cup 2023 Final: जापान के काकामिगहारा में जारी महिला जूनियर एशिया कप 2023 के पहले रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम ने जापान को 1-0 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. इस जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने FIH जूनियर महिला हॉकी विश्व कप 2023 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है, जो चिली के सेंटियागो में इस साल के अंत में 29 नवबंर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा.

सुनेलिता टोप्पो ने किया एकमात्र गोल

गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम 2012 के बाद दूसरी बार जूनियर एशिया कप फाइनल में पहुंची है. सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिला. इस रोमांचक मुकाबले में गोल करने के कई मौके मिले लेकिन ‘सेट पिस’ पर कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी. मैच के शुरूआती तीन क्वार्टर गोलरहित रहने के बाद एकमात्र सुनेलिता टोप्पो ने 47वें मिनट में मैदानी गोल किया, जिसके बदौलत भारत ने फाइनल का टिकट कटा लिया. इस दौरान भारत और जापान को कुल मिला कर 12 पेनल्टी कॉर्नर मिले. अब भारतीय टीम रविवार को फाइनल में चीन या कोरिया से भिड़ेगी.


भारत ने मैच में जापान पर बनाए रखा दबदबा

भारत ने आक्रामक तरीके से मैच की शुरुआत की और गेंद को ज्यादा समय तक अपने पास रखने के साथ जापान के सर्कल के पास दबदबा बनाया. भारत के शुरुआती दबदबे के बाद जापान मैच में वापसी करने में सफल रहा. शुरुआती क्वार्टर के आखिरी मिनट से पहले जापान ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन भारतीय गोलकीपर माधुरी किंडो ने कमजोर ड्रैग फ्लिक को आसानी से ब्लॉक कर दिया. जापान ने इसके तुरंत बाद एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन इस बार गेंद गोल पोस्ट से काफी दूर से निकल गयी.

दूसरे क्वार्टर तक कोई गोल नहीं

दूसरे क्वार्टर के तीसरे मिनट में जापान ने एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन माधुरी ने फिर से अच्छा बचाव किया. इसके अगले मिनट गोलकीपर मिसाकी सैतो ने भारतीय खिलाड़ी वैष्णवी फालके के पेनल्टी कॉर्नर को विफल कर दिया. मध्यांतर से पहले दो टीमों ने पूरा दमखम लगाया लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली. गोल छोर के बदलाव के बाद जापान ने गेंद को अपने पाले में ज्यादा रखने की कोशिश की और फिर आक्रामक रूख अपनाते हुए भारत पर दबाव बना दिया. भारतीय टीम को हालांकि 39वें मिनट में बढ़त लेने का सुनहरा मौका मिला. अनु हालांकि पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने में नाकाम रही.

आखिरी क्वार्टर में टोप्पो ने गोल कर दिलायी जीत

इसके बाद भारतीय टीम एक बार फिर पेनल्टी कार्नर हासिल करने में सफल रही लेकिन उसे इस बार भी निराशा का सामना करना पड़ा. भारत ने मैच के आखिरी क्वार्टर में टोप्पो के गोल से इस गतिरोध को खत्म किया. महिमा टेटे और ज्योति छेत्री के बनाये मौके को टोप्पो ने गोल में बदल कर भारत को बढ़त दिला दी. बढ़त लेने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने हमले तेज कर दिये लेकिन उन्हें इसका फायदा नहीं मिला. माधुरी ने मैच के आखिरी क्षणों में जापान के पेनल्टी कॉर्नर पर एक और शानदार बचाव कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. सेमीफाइनल में जापान पर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने के लिए अन्नू ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रही.

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By Sanjeet Kumar

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