तोपचांची के 13 लड़कों को कहां ले जा रहा था ठेकेदार? टिकट सिकंदराबाद का, लड़के बोले- टाटा जा रहे हैं

धनबाद स्टेशन पर जब लेबर सप्लाई करने वाले ठेकेदार से टीटीई ने टिकट मांगा, तो वह उनसे उलझ गया. धनबाद स्टेशन के 7 नंबर प्लेटफार्म पर दिन में करीब 3 बजे टीटीई अनुज कुमार और चंद्रेश कुमार ड्यूटी पर तैनात थे. उन्होंने एक साथ कुछ लड़कों को देखा. उनसे टिकट दिखाने के लिए कहा.

धनबाद स्टेशन से सैकत चटर्जी. धनबाद स्टेशन (Dhanbad Station) पर सोमवार को अजीब-ओ-गरीब नजारा था. एक व्यक्ति स्टेशन पर टीटीई से भिड़ गया. टिकट मांगने पर उसकी हैसियत पूछने लगा. बाद में पता चला कि यह लेबर सप्लाई का काम करता है. ठेकेदार है. उसके पास सिकंदराबाद का टिकट था. लेकिन, उसके साथ जो लड़के थे, उनसे टीटीई ने पूछा कि कहां जा रहे हो, तो उन्होंने बताया कि वे टाटा (जमशेदपुर) जा रहे हैं.

टीटीई ने मांगा टिकट, तो ठेकेदार ने पूछी हैसियत

धनबाद स्टेशन पर जब लेबर सप्लाई करने वाले ठेकेदार से टीटीई ने टिकट मांगा, तो वह उनसे उलझ गया. धनबाद स्टेशन के 7 नंबर प्लेटफार्म पर दिन में करीब 3 बजे टीटीई अनुज कुमार और चंद्रेश कुमार ड्यूटी पर तैनात थे. उन्होंने एक साथ कुछ लड़कों को देखा. उनसे टिकट दिखाने के लिए कहा. लड़कों ने ठेकेदार की ओर इशारा किया. कहा कि उनके पास टिकट है.

13 लड़के, 8 टिकट

ठेकेदार ने धनबाद से सिकंदराबाद जाने के 8 टिकट दिखाये. उसके साथ लड़के थे 13. बाकी लड़कों का टिकट मांगने पर ठेकेदार ने पहले कहा कि बाकी टिकट घर पर है. उसका भाई लेकर आ रहा है. टीटीई ने जब सख्ती बरती, तो वह उनकी हैसियत पूछने लगा. इससे टीटीई हैरान हो गये.

Also Read: Human trafficking : सबर आदिम जनजाति की 5 लड़कियों को 90 हजार से 6 लाख रुपये में बेचा, गिरोह का भंडाफोड़
टीटीई की दिखी एकजुटता, रेल पुलिस निष्क्रिय

इस पूरे प्रकरण में टीटीई की एकजुटता दिखी, जबकि रेल पुलिस की निष्क्रियता भी सामने आयी. ठेकेदार से टीटीई चंद्रेश कुमार और अनुज कुमार की बहस हो रही थी. शोर सुनकर कई टीटीई वहां जमा हो गये. दो पुलिसकर्मी भी टहलते हुए वहां पहुंचे. लेकिन, वे खामोशी से सब कुछ देखते रहे. हालांकि, यात्रियों ने टीटीई का समर्थन किया.

मामला बिगड़ता देख मैनेज करने की कोशिश

बहस के बीच ठेकेदार के बचाव में एक युवक आ गया. उसने खुद को ठेकादार का भाई बताया. मामला बिगड़ता देख उसने एक टीटीई को किनारे ले जाकर मामला मैनेज करने के लिए कहा. यह सुनकर टीटीई उसे भी थाना ले जाने पर अड़ गये. उन्होंने ठेकेदार के साथ जा रहे 13 लड़कों से कहा वे डरें नहीं. उन्हें कुछ नहीं होगा. उन्हें सिर्फ सच बताना है.

Also Read: मानव तस्करी का सरगना अर्जुन टोरी उर्फ नेहरू गिरफ्तार, सिमडेगा की आदिवासी लड़की को फरीदाबाद से किया रेस्क्यू
ठेकेदार ने कहा- बीडीओ साहब को फोन लगाओ

टीटीई के साथ बहस के दौरान ठेकेदार बार-बार अपने भाई से कह रहा था कि बीडीओ साहब को फोन लगाओ. सबको औकात बता देंगे. टीटीई भी अड़े रहे. जिनको बुलाना है, बुला लो. उसके बाद ही तुम्हें थाने ले जायेंगे. उसने भागने का भी प्रयास किया, लेकिन टीटीई की सक्रियता से वह भाग नहीं पाया. करीब 40 मिनट बाद पुलिस को बुलाकर ठेकेदार, उसके साथी और उन सभी 13 लड़कों को थाना ले जाया गया.

तोपचांची के रहने वाले हैं सभी लड़के

बाहर ले जाये जाने वाले सभी 13 लड़के तोपचांची के रहने वाले हैं. इनमें से अधितर लड़के नाबालिग हैं. जब टीटीई ने इनसे पूछताछ की, तो लड़कों ने बताया की इन्हें ठेकेदार काम कराने के लिए बाहर ले जा रहा है. इनके पास कोई टिकट नहीं है.

Also Read: झारखंड की आदिवासी बच्ची पर गुरुग्राम में अमानवीय अत्याचार, सिमडेगा से कल हरियाणा जायेगी टीम
पूछताछ में सामने आये कई चौंकाने वाले तथ्य

टीटीई ने जब लड़कों से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. लड़कों ने बताया कि उनसे कहा गया था कि उन्हें टाटा ले जायेंगे. दूसरी तरफ, ठेकेदार के पास टिकट सिकंदराबाद का था. ठेकेदार से जब क्रॉस चेक किया गया, तो उसने बताया कि पहले टाटा ही ले जाना था, लेकिन अचानक सिकंदराबाद में वैकेंसी निकल जाने की वजह से इन्हें वहीं भेजा जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >