Beware: पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के अकाउंट से उड़ाये 18 लाख रुपये

Online Part Time Job Fraud – जिसके साथ यह धोखाधड़ी हुई, वह पीड़ित व्यक्ति एक मल्टीनैशनल कंसल्टेंसी और आईटी सर्विसेज कंपनी के लिए काम करता है. अपनी शिकायत में शख्स ने बताया है कि उसे होटलों की रेटिंग के बारे में एक पार्ट-टाइम जॉब का मैसेज व्हाट्सऐप पर मिला था.

Part Time Job Scam : खबर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से है. एक 33 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पार्ट टाइम जॉब का लालच दिया गया. उसने दिया गया टास्क पूरा किया और 1500 रुपये कमाये, वहीं इसके थोड़ी ही देर बाद उसके बैंक अकाउंट से 18 लाख रुपये उड़ गये. मामले की जानकारी पाते ही क्राइम ब्रांच की साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है और बैंकों को पत्र लिखकर अपराध में इस्तेमाल किये गए सात बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए कहा है.

अंग्रेजी अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक खबर के अनुसार, एक पुलिस सूत्र ने कहा कि जिसके साथ यह धोखाधड़ी हुई, वह पीड़ित व्यक्ति एक मल्टीनैशनल कंसल्टेंसी और आईटी सर्विसेज कंपनी के लिए काम करता है. अपनी शिकायत में शख्स ने बताया है कि उसे होटलों की रेटिंग के बारे में एक पार्ट-टाइम जॉब का मैसेज व्हाट्सऐप पर मिला था.

Also Read: WhatsApp Tips: सिर्फ चैटिंग ही नहीं, व्हाट्सऐप की मदद से कर सकते हैं ये 5 अमेजिंग काम

आरोपियों ने उसे बताया कि उनकी कंपनी को कई होटलों को प्रोमोट करने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है और वह पार्ट-टाइम जॉम में रुचि रखने वाले लोगों की तलाश कर रही है. पुलिस ने कहा कि आरोपी ने एक होटल के बारे में डीटेल वाला एक लिंक भेजा और शिकायतकर्ता से उसे रेटिंग देने के लिए कहा.

शिकायतकर्ता को होटल रेटिंग का स्क्रीनशॉट लेने और उसी व्हाट्सऐप नंबर पर भेजने के लिए कहा गया. शिकायतकर्ता ने रेटिंग दी और निर्देशों का पालन किया, यह मानते हुए कि यह एक प्रामाणिक काम था. उसे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि उन्हें एक होटल को रेटिंग देने और उसका स्क्रीनशॉट भेजने के लिए 200 रुपये का भुगतान किया गया था. अगले छह लेनदेन में, शिकायतकर्ता को 1300 रुपये मिले.

Also Read: Cyber Attack: कनाडाई सेना की वेबसाइट हैक, भारत पर फिर लगे आरोप

इसके बाद आरोपी ने उसे अपना टेलीग्राम अकाउंट बनाने और उनके ग्रुप में शामिल होने का निर्देश दिया. इसमें शामिल होने पर इंजीनियर को ‘पेड टास्क’ स्कीम की पेशकश की गई. यदि वह निवेश करता, तो उसे अधिक कार्य पूरे करने को मिलते और वह अधिक पैसा कमा सकता था.

आरोपी ने एक लिंक भेजा, शिकायतकर्ता को अपना लॉगिन और पासवर्ड दिया जहां वह लॉग-इन के बाद अपने नाम पर एक वर्चुअल वॉलेट देख सकता था. इंजीनियर ने पैसा निवेश किया और बटुए में अपना निवेश और लाभ देख सकता था. फिर इंजीनियर ने अधिक भुगतान वाले कार्य पाने और अधिक लाभ कमाने के लिए निवेश करना शुरू कर दिया.

शिकायतकर्ता ने कुल मिलाकर 18.34 लाख रुपये का निवेश किया और अपने वर्चुअल वॉलेट में अधिक लाभ देख सकते हैं. जब उसने अपनी कमाई अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करनी चाही, तो उसका पैसा ट्रांसफर नहीं हो सका. तब उसे यह एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हो गई है और तब तक काफी देर हो चुकी थी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >