बंगाल में चुनावी हिंसा से संबंधित शिकायतों और पुनर्मतदान की मांग पर चर्चा की जाएगी, एसईसी ने किया वादा

पश्चिम बंगाल के राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा ने शनिवार को पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद वोटिंग में छेड़छाड़ की शिकायतों पर गौर करने और संभावित पुनर्मतदान पर निर्णय लेने का वादा किया.

West Bengal Panchayat Election 2023 : पश्चिम बंगाल के राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा ने शनिवार को पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद वोटिंग में छेड़छाड़ की शिकायतों पर गौर करने और संभावित पुनर्मतदान पर निर्णय लेने का वादा किया. सिन्हा ने कहा कि दिन में हुए मतदान के दौरान हिंसा की घटनाओं की सबसे अधिक शिकायतें चार जिलों से आईं और चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा करते समय उन सभी को ध्यान में रखा जाएगा. विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से काफी आलोचना का सामना करने वाले सीईसी ने कहा कि पुनर्मतदान के बारे में रविवार को निर्णय लिया जाएगा जब पर्यवेक्षक और रिटर्निंग अधिकारी मतदान प्रक्रिया की जांच और समीक्षा करेंगे.

बारासात से 1,300 शिकायतें मिलीं

सिन्हा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “मुझे कल रात से (हिंसा और झड़पों की) जानकारी मिल रही है. इन घटनाओं के बारे में सीधे मुझे और नियंत्रण कक्ष के फोन नंबरों पर कॉल की गईं. शनिवार को ऐसी सबसे अधिक घटनाएं उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद जिले जैसे तीन-चार जिलों से सामने आईं.” सिन्हा ने कहा, एसईसी को बारासात से 1,300 शिकायतें मिलीं, जिनमें उपद्रवियों के मतपेटियां लेकर भागने की घटनाएं भी शामिल थीं. उन्होंने कहा, “कल विस्तृत जांच की जाएगी. उन बूथ पर दोबारा मतदान होगा जहां सबसे ज्यादा हिंसा हुई और जहां मतदान नहीं हो सका या रोक दिया गया.”

रिटर्निंग अधिकारी मतदान प्रक्रिया की जांच करेंगे

उन्होंने कहा, “यही कारण है कि मतदान के बाद का दिन जांच के लिए रखा जाता है. पर्यवेक्षक और रिटर्निंग अधिकारी मतदान प्रक्रिया की जांच करेंगे. तभी हम समझ पाएंगे कि कितनी जगहों पर पुनर्मतदान का आदेश देने की जरूरत है.” शनिवार का मतदान शांतिपूर्ण रहा या नहीं, यह पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा, “जब तक हमें इस पर पूरी रिपोर्ट नहीं मिल जाती, मैं कुछ नहीं कह पाऊंगा. मतदान खत्म होने दीजिए. कानून -व्यवस्था राज्य पुलिस का विषय है. हमें जो जानकारी मिलती है, एसईसी के माध्यम से आगे बढ़ा दी जाती है.” उन्होंने कहा कि एसईसी को शनिवार को हुए मतदान के संबंध में किसी भी अप्रिय घटना के बारे में कोई सूचना मिलने के तुरंत बाद जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और सीएपी को सूचित किया गया.

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मृतकों की संख्या के बारे में बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि आधिकारिक तौर पर शनिवार के मतदान के दौरान तीन लोगों की मौत हुई. उन्होंने कहा, ”हमें जो प्रत्यक्ष जानकारी मिली है, उसके अनुसार केवल तीन लोगों की मौत हुई है.” हालाँकि, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा की विभिन्न घटनाओं में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आठ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ: के एक-एक कार्यकर्ता समेत 12 लोगों की मौत हो गई.

इस बीच, मनीष प्रसाद नामक भाजपा के कथित कार्यकर्ता को एसईसी कार्यालय में प्रवेश करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. उसने कहा कि वह शनिवार की मतदान प्रक्रिया में हिंसा को नियंत्रित करने में कथित विफलता के लिए सिन्हा पर स्याही फेंकना चाहता था. राज्य के ग्रामीण इलाकों की 73,887 सीटों पर सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ और 5.67 करोड़ लोगों ने लगभग 2.06 लाख उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला किया. अधिकारियों ने बताया कि शाम पांच बजे तक 66.28 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

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