Falgun Month 2023 does and donts: फाल्गुन महीने की हुई शुरूआत, इस माह में भूलकर भी ना करें ये काम

Falgun Month 2023 does and donts: फाल्गुन महीने की शुरूआत हो चुकी है. इस महीने से जुड़े कई नियम भी बताए गए हैं. तो चलिए जानते हैं फाल्गुन मास से जुड़ी खास बातें, साथ ही जानेंगे इस महीने में क्या नहीं करें..

Falgun Month 2023 does and donts: साल 2023 में फाल्गुन महीने की शुरुआत 6 फरवरी 2023, सोमवार से हो गई है और यह माह 7 मार्च 2023, मंगलवार को समाप्त हो रहा है. फाल्गुन मास में भगवान शंकर के अलावा माता सीता, श्री कृष्ण, मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से भी शुभ फर की प्राप्ति होती है.  इस महीने से जुड़े कई नियम भी बताए गए हैं. तो चलिए जानते हैं फाल्गुन मास से जुड़ी खास बातें, साथ ही जानेंगे इस महीने में क्या नहीं करें..

अनाज का प्रयोग कम से कम करें

फाल्गुन माह में रात्रि के समय भोजन में अनाज का प्रयोग कम से कम करें. इस माह में में चना खाना मना. मौसमी फल का अधिक सेवन करें. सब्जियों का सेवन करें.

मांसाहार भोजन न खाएं

फाल्गुन मास में मांसाहार भोजन करने की भी मनाही होती है

नहाने में गर्म पानी का प्रयोग करें बंद

लोग जाड़े के मौसम में गर्म पानी से नहाते हैं पर फाल्गुन  में ठंडे पानी से नहाने को कहा जाता है. साथ ही इस माह अपने स्नान के जल में  सुगन्धित केवड़ा मिलाकर  स्नान करें और चन्दन की सुगंध का प्रयोग करें. इससे मानसिक अवसाद की शिकायत दूर होगी. 

देर तक जागने और देर से उठने की आदत त्यागें

फाल्गुन मास से ही रात्रि में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें. अपने कुलगुरु देवी देवता की उपासना जरूर करें.

फाल्गुन मास का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार फाल्गुन मास की शुरुआत 6 फरवरी 2022, सोमवार से हो रही है. बता दें विक्रम संवत में फाल्गुन माह साल का आखिरी और बारहवां महीना होता है. इस महीने व्रत एवं त्योहारों की भरमार होने वाली है. साथ ही इस महीने से ग्रीष्म ऋतु यानी गर्मी का आगमन होता है. ग्रह दोष से मुक्ति के लिए इस महीने चंद्रमा की विधिवत पूजा करें.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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