Euro Cup 2020, England Team : यूरो कप फाइनल में टीम का हिस्सा रहे तीन इंग्लिश फुटबॉलर्स पर मैच के बाद नस्लीय टिप्पणी की गयी. यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में इटली के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में चूकने वाले इंग्लैंड के तीनों अश्वेत खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा. मार्कस रैशफोर्ड, जेडेन सैंचो और बुकायो साका ने इटली के खिलाफ हुए फाइनल मैच में 5 में से आखिरी 3 पेनाल्टी शूट मिस कर दिया था.
वहीं फाइनल में हार के मार्कस रैशफोर्ड, जेडेन सैंचो और बुकायो साका जैसे खिलाड़ियों पर इंग्लिश फैंस ने नस्लीय टिप्पणी की और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया. इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन (इएफए) ने इस पर कड़ा एतराज जताया है. इएफए ने कहा है कि जो लोग भी इसके लिए दोषी पाये जायेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. बता दें कि रविवार को इंग्लैंड और इटली के बीच खेले गए फाइनल में इटली ने बाजी मारी थी.
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यूरोपीय चैंपियनशिप के महत्वपूर्ण मैच में टीम खिताब जीतने से चूक गई और फैंस का दिल टूट गया और कई फैंस ने मर्यादा की सारी हदें लांघ कर खिलाड़ियों पर नस्लीय टिप्पणी कर दी. वहीं अपने साथी खिलाड़ियों के साथ हो रहे गलत व्यवहार से टीम के कप्तान हैरी केन का दिल भी टूट गया. हैरी केन सोशल मीडिया पर अपने साथी खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की और टिप्पणी करने वालों की जमकर निंदा की. केन ने लिखा कि यदि आप सोशल मीडिया पर किसी को गाली देते हैं तो आप इंग्लैंड के फैन नहीं हैं और हम आपको नहीं चाहते हैं.
ब्रिटिश पीएम ने निंदा की
इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी खिलाड़ियों पर नस्लीय टिप्पणी की निंदा की है. उन्होंने कहा कि इस इंग्लिश टीम को हीरो कहा जाना चाहिए. नस्लीय टिप्पणी गलत है और जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए. वहीं इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने नस्ली दुर्व्यवहार की निंदा की व सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में क्या उनके देश को 2030 फीफा विश्व कप की मेजबानी का अधिकार मिलना चाहिए. पीटरसन से ट्वीट किया : क्या हम वास्तव में विश्व कप (मेजबानी) के लायक हैं?
