राउरकेला में आसमान से बरस रहे अंगारे,पारा 42 पार, सड़कें सुनसान

अगले दो-तीन दिनों में कालबैसाखी के प्रभाव में जिले में बारिश हो सकती है. इस दौरान दिन में बादल छाये रहने से लोगोंं को थोड़ी राहत मिलेगी. मंगलवार को भी दिन में आसमान में बादल छाये रहने से लोगों को तपिश से थोड़ी राहत मिली

स्मार्ट सिटी राउरकेला पिछले करीब एक सप्ताह से भीषण गर्मी से बेहाल है. शहर में इस अवधि में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा है. पिछले तीन दिन से शहर में आसमान से अंगारे बरस रहे हैं. 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण आसमान से अंगारे बरस रहे हैं और धरती धधक रही है. इसी का असर है कि सड़कें दिन के 11 बजे के बाद ही वीरान होने लगती हैं. दोपहर के समय शहर में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात हो जाते हैं. शाम छह बजे के बाद ही लोग बाजारों में नजर आते हैं.

अप्रैल का महीना अभी पूरा नहीं हुआ और मई-जून बाकी है, जिसमें तपिश और अधिक बढ़ने की आशंका लोगों को सता रही है. हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने लोगों को थोड़ी राहत दी है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों में कालबैसाखी के प्रभाव में जिले में बारिश हो सकती है. इस दौरान दिन में बादल छाये रहने से लोगोंं को थोड़ी राहत मिलेगी. मंगलवार को भी दिन में आसमान में बादल छाये रहने से लोगों को तपिश से थोड़ी राहत मिली, लेकिन इसके बावजूद उमस से पूरे दिन लोग परेशान रहे.

लस्सी, गन्ना रस, जूस, आम 
पन्ना के स्टॉलों पर उमड़ रही भीड़

भीषण गर्मी के बीच गला तर करने के लिए लोग लस्सी, गन्ना रस, जूस, सत्तू का पेय, आम पन्ना, नारियल पानी पीना पसंद कर रहे हैं. आमबागान मार्केट, गजपति मार्केट, झारखंड मार्केट, सेक्टर-18 मार्केट, डेली मार्केट, बिसरा चौक, एसटीआइ चौक, पानपोष चाैक आदि स्थानों पर इन पेय पदार्थों के स्टॉल आसानी से दिख जायेंगे. इसके अलावा कुछ विक्रेता चलता-फिरता ठेला लेकर लस्सी, मट्ठा, सत्तू शरबत आदि बेच रहे हैं. लस्सी प्रति गिलास 50 से 60 रुपये, गन्ना रस 20 रुपये, फलों के जूस 50 से 100 रुपये तक, सत्तू शरबत 10 से 20 रुपये, आम पन्ना 10 से 20 रुपये प्रति ग्लास तथा नारियल पानी प्रति पीस 35 से 50 रुपये में बिक रहा है.

Also Read: राउरकेला में बने बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम, पानपोष मार्केट कॉम्प्लेक्स में लटक रहा ताला
42 डिग्री पारा होने के बावजूद खुले हैं स्कूल

जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन की ओर से जान-माल के नुकसान को बचाया जा सके, इसके लिए कई उपाय किये जा रहे हैं. लेकिन कुछ फैसलों पर सवाल भी उठ रहे हैं. 12 अप्रैल को जब तापमान 37 डिग्री सेल्सियस था, तब राज्य सरकार ने भीषण गर्मी का हवाला देते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी. अब जब पारा 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच जा रहा है, तब स्कूल खुले हैं. छोटे-छोटे बच्चों को घर से निकलने पर मजबूर नहीं होना पड़े, इसलिए स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाने की मांग अभिभावकों ने की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >