Durand Cup 2022: डुरंड कप फाइनल में बेंगलुरू एफसी ने मुबंई सिटी एफसी को हराकर अपना पहला डुरंड कप खिताब हासिल किया. कप्तान सुनील छेत्री के नेतृत्व में बेंगलुरु की टीम ने यह मैच 2-1 से जीता. मैच के पहले हाफ में बेंगलुरु के लिए शिवशक्ति नारायण ने पहला गोल किया. जिसके जवाब में मुंबई की ओर से लालेंगमाविया राल्टे ने गोल कर टीम को बराबरी पर लाया. लेकिन दूसरे हॉफ में ब्राजील के डिफेंडर एलेन कोस्टा ने एक शानदार हेडर से गोल कर बेंगलुरू को जीत दिलायी.
बेंगलुरू एफसी बनीं नई चैंपियन
फाइनल में हुए इस कांटे की टक्कर में मुंबई को खेल के पहले ही मिनट में फ्री-किक मिली, लेकिन द ब्लूज ने खेल के 10वें मिनट में शिवा शक्ति के पांचवें टूर्नामेंट गोल से शुरूआती बढ़त बना ली. इसके बाद मुंबई सिटी एफसी के लिए एकमात्र लालेंगमाविया राल्टे ने गोल कर मैच में रोमांच लाया. लेकिन दूसरे हाफ में ब्राजीलियाई एलन कोस्टा ने शानदार गोल कर बेंगलुरु को अपना पहला डुरंड कप खिताब जीताया. बता दें सुनील छेत्री की अगुवाई में बेंगलुरू एफसी ने इस टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारा. फाइनल से उनकी टीम ने चार मैच जीते और बाकी दो मैच ड्रॉ किए.
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दूसरे हाफ में दिखा रोमांचक मुकाबला
दूसरे हाफ में भी टीमों ने जबरदस्त खेल दिखाया, दोनों ही टीमों को कई मौके मिले, लेकिन गोल करने में असफल रहे. हालांकि थोड़ी-थोड़ी देर के बाद बेंगलुरु और मुंबई ने एक-एक गोल करने में कामयाब रहे, लेकिन बेंगलुरू एफसी मुंबई को 2-1 हराकर पहली बार खिताब अपने नाम करने में सफल रही. कांटे के इस मुकाबले में आखिरी मिनट तक टीमें लड़ती रहीं, लेकिन खिताब बेंगलुरू की टीम के हाथ लगा. बता दें कि 1888 में शुरू हुआ ये टूर्नामेंट इंडियन फुटबॉल के लिए खास रहा है. इस टूर्नामेंट को कोलकाता के दोनो बड़े क्लब्स ईस्ट बंगाल और मोहन बागान ने सर्वाधिक 16-16 बार जीता है. 2021 में ये ट्रॉफी एफसी गोवा ने अपने नाम की थी.
