WB News : जयनगर प्रसंग पर बोले दिलीप घोष, मुस्लिम संप्रदाय को किया जा रहा है टार्गेट

पार्थ, ज्योतिप्रिय सभी के विकल्प है, लेकिन अनुब्रत का महत्व अधिक है. श्री घोष ने कहा कि कोयला, बालू, पत्थर, गाय, नौकरियां, हर जगह लूट हुई है, जिसमें उसने पार्टी को सुविधा दिया है इसलिए उसे हटाने में समय लगेगा, बाकी सभी तो दीदी के नाम पर लूट किये.

कोलकाता, मनोरंजन सिंह : भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip GHosh) ने लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल की ओर से जिला कमेटियों में भारी फेरबदल से लेकर जयनगर की हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर जमकर कटाक्ष किया. मंगलवार को न्यूटाउन-इकोपार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान श्री घोष ने पत्रकारों द्वारा जयनगर की हिंसा को लेकर पूछे जाने पर कहा कि इस तरह की बर्बरताएं काफी समय से होते आ रही है. बोगतुई, बीरभूम में अनेक जगहों पर मूल रूप से मुस्लिम समुदाय को टार्गेट किया जा रहा है. उनके बीच ही लड़ाई हो रही है और इसे लेकर राजनीति किये जा रहे है, उन्हें (मुस्लिम समुदाय) राजनीतिक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

बदमाशों को नेता बनाकर प्रोत्साहित किये जा रहे है. वे जो चाहें करे, सत्तारूढ़ पार्टी में हैं, तो उन्हें संरक्षण मिल रहा है और गांव जलाये जा रहे है. इसी तरह की घटना बोगतुई में हुई थी. सरकार कहां है, मुख्यमंत्री कहां है? साथ ही गौ तस्करी के मामले में गिरफ्तार अणुव्रत मंडल के बीरभूम में जिला अध्यक्ष की जगह पर किसी को दायित्व नहीं देते हुए कोर कमेटी गठन पर श्री घोष ने कहा कि तृणमूल ने कोर कमेटी का गठन किया है, उस समिति में सात सदस्य है. श्री घोष ने कहा कि वह (अनुब्रत मंडल) तृणमूल कांग्रेस के सफल जिला अध्यक्ष है, बाकी सभी आओ जाओ, कोई फर्क नहीं. पार्थ, ज्योतिप्रिय सभी के विकल्प है, लेकिन अनुब्रत का महत्व अधिक है. श्री घोष ने कहा कि कोयला, बालू, पत्थर, गाय, नौकरियां, हर जगह लूट हुई है, जिसमें उसने पार्टी को सुविधा दिया है इसलिए उसे हटाने में समय लगेगा, बाकी सभी तो दीदी के नाम पर लूट किये. अणुव्रत मण्डल का महत्व अधिक है, उन्होंने दीदी को खड़ा किया है.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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