कोलकाता के साइबर ठगों ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की बड़ी कंपनियों को लगाया लाखों का चूना

अवैध कॉल सेंटर से टेक्निकल सपोर्ट देने के बहाने अमेरिकी, ब्रिटिश, जर्मन और ऑस्ट्रेलियाइयों को चूना लगाने वाले गिरोह का कोलकाता में पता चला है. कोलकाता पुलिस की साइबर सेल की टीम ने एक दर्जन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है.

कोलकाताः कोलकाता महानगर के विभिन्न स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध कॉल सेंटर खोल कर विदेशी नागरिकों को ठगने के मामले में कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम थाने की टीम ने विशेष अभियान चलाया. दो दिन के अभियान में तिलजला के चौभागा इलाके से गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया.

पकड़े गये आरोपियों के नाम इमरोज खान (32), मोहम्मद दिलावर अनीष (21), मोहम्मद सोहेल (24), पीटर बहादुर साक्या (26), मोहम्मद रिजवान (20), मोहम्मद सोहेल खान (20), हुजिफा हुसैन (22), आकाश लाल रजक (22), मोहम्मद जासिन (43), मोहम्मद समीर (20), योगेश लाल (21) और शशि गुप्ता (25) हैं. सभी आरोपी पार्क सर्कस, करया, तपसिया व तिलजला इलाके के रहने वाले हैं.

  • कोलकाता पुलिस की साइबर सेल टीम ने गिरोह के 12 सदस्यों को किया अरेस्ट

  • अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया व जर्मनी की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों को बनाते ते निशाना

  • झांसा देकर कंपनी के सर्वर को करते थे हैक, ब्लैकमेल कर डॉलर में करते थे सौदा

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ऐसे हुई एक दर्जन साइबर क्रिमिनल्स की गिरफ्तारी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिनों पहले तपसिया और सॉल्टलेक में दो कॉल सेंटर में अभियान चलाकर पुलिस ने 19 युवकों को गिरफ्तार किया था. उनसे पूछताछ में इस गिरोह के बारे में पता चला. यह जानकारी मिली कि चौभागा इलाके में भी एक कॉल सेंटर में विदेशी नागरिकों को ठगा जा रहा है.

इसके बाद चौभागा में एक बड़े फ्लैट में छापामारी कर बड़े स्तर पर चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. यहां से मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, राउटर, पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये गये हैं.

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनकी टीम के सदस्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ ब्रिटेन के नागरिकों से फोन पर बात करते थे. इस दौरान खुद को बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनकी कंपनियों के सर्वर को वायरस अटैक से बचाने के लिए तकनीकी मदद देने के नाम पर उनसे एक एप्प डाउनलोड करवाते थे.

एप्प डाउनलोड होते ही कोलकाता के साइबर क्रिमिनल उन कंपनियों के कंप्यूटर या सर्वर को हैक कर लेते थे. इसके बाद एक अन्य सॉफ्टवेयर की मदद से उनके स्क्रीन को क्लियर कर देते थे. साथ ही सर्वर का सारा डाटा हैक कर लेते थे. इसके बाद उन्हें सब कुछ सामान्य करने के नाम पर ब्लैकमेल करना शुरू करते थे. डॉलर व पाउंड में वसूली होती थी. अब तक इन लोगों ने 40 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की है.

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जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई – पुलिस

कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने बताया कि इन दिनों इस तरह की कई शिकायतें मिल रहीं थीं. इसके बाद जांच शुरू कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन कॉल सेंटर से कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण समेत मोबाइल भी जब्त किये गये हैं. इनकी जांच में मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

Posted By: Mithilesh Jha

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