Chhattisgarh Crisis : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कुर्सी जाएगी या फिर रहेगी? अभी इस पर संशय बरकार नजर आ रहा है. इस बीच सूत्रों के हवाले से आजतक ने खबर दी है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ये इच्छा जताई है कि भूपेश बघेल को राज्य में अब कमान टीएस सिंह देव के हाथ में सौंप देनी चाहिए. ये सबकुछ बिना किसी विवाद के होना चाहिए.
इधर राजधानी रायपुर से दिल्ली जाने के क्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मेरे पास कल के.सी.वेणुगोपाल का मैसेज आया था कि मुझे आज राहुल गांधी से मिलना है. उनके निर्देश पर मैं दिल्ली रवाना हो रहा हूं. इधर मंत्री अमरजीत भगत दिल्ली में पहले से मौजूद हैं.
सामाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि यदि टीम में काम अच्छा नहीं हो रहा होता तो कैप्टन को बदलने की जरूरत पड़ी लेकिन जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सारे काम ठीक से हो रहे हैं तो फिर उन्हें हटाने का नहीं सोचना चाहिए. इससे पहले कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई में चल रही रस्साकशी के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिल्ली पहुंचने की चर्चा तेज थी.
पीएल पुनिया ने कहा : कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री शुक्रवार को दिल्ली में होंगे, हालांकि विधायकों को दिल्ली नहीं बुलाया गया है और इससे संबंधित खबरें निराधार हैं. सूत्रों हवाले से ये बात सामने आई थी कि बघेल के समर्थक कहे जाने वाले कई विधायक गुरुवार रात दिल्ली पहुंचे हैं. सूत्रों का कहना है कि बघेल कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करेंगे और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी या पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मिल सकते हैं.
क्यों है चर्चा गर्म : मुख्यमंत्री बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच चल रहे टकराव की स्थिति को देखते हुए विधायकों का दिल्ली पहुंचने को लेकर यह चर्चा गर्म है कि मुख्यमंत्री का कांग्रेस आलाकमान के समक्ष शक्ति प्रदर्शन करने के प्रयास हैं, हालांकि बघेल के करीबियों ने इससे इनकार किया है. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का सोनिया गांधी और राहुल गांधी में पूरा विश्वास है तथा शक्ति प्रदर्शन जैसी की कोई बात नहीं है.
बघेल और सिंहदेव के बीच रिश्ते सहज नहीं : यहां चर्चा कर दें कि छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री बघेल और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के बीच रिश्ते सहज नहीं रहे. सिंहदेव के समर्थकों का कहना है कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री को लेकर सहमति बनी थी और ऐसे में अब सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. पिछले दिनों बघेल गुट और सिंहदेव गुट के बीच मतभेद उस वक्त और बढ़ गये जब कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर आरोप लगाया था कि वह उनकी हत्या करवाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं. बृहस्पति सिंह को मुख्यमंत्री बघेल का करीबी माना जाता है.
Posted By : Amitabh Kumar
