भजन गायिका जया किशोरी ने बताया, शादी के लिए ऐसा होना चाहिए लाइफ पार्टनर

Jaya Kishori: जया किशोरी ने अपनी एक स्पीच में लाइफ पार्टनर का चुनाव कैसे करें इस बारे में बताया है. आज के समय में व्यक्ति शादी का निर्णय तो तुरंत ले लेता है पर कई बार अपना रिश्ता लंबे समय तक नहीं निभा पाता. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन एक मुख्य कारण जो सामने आता है वो है आपका एक दूसरे को नहीं समझ पाना.

Jaya Kishori Motivational Speech On Marriage: जया किशोरी एक मशहूर भजन गायिका और कथावाचक हैं. उन्होंने आज-कल के दौर में शादी हो जाती है, लेकिन रिश्ता लंबे समय तक नहीं निभा पाते है. इस पर जया किशोरी ने अपनी एक स्पीच में लाइफ पार्टनर का चुनाव कैसे करें, इस बारे में अपने दर्शकों को बताया है. जया किशोरी ने कहा कि आज के समय में व्यक्ति शादी का निर्णय तो तुरंत ले लेता है पर कई बार अपना रिश्ता लंबे समय तक नहीं निभा पाता है. कथावाचक जया किशोरी ने कहा कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन एक मुख्य कारण जो सामने आता है वो है आपका एक दूसरे को नहीं समझ पाना. इस पर जया किशोरी का कहना है कि शादी का डिसीजन दिल के साथ दिमाग से भी लेना चाहिए.

शादी बहुत सोच-समझकर करना चाहिए. उन्होंने ने कहा कि पहले और अब में बहुत अंतर है. पहले सपने में भी लोग देख लेते थे तो शादी कर लेते थे. उन्होंने ने कहा कि जब आप किसी से मिलते हैं तो शुरू में तो उसकी हर चीज आपको पसंद आती है. अगर किसी को पहचानना है तो उसे बोलने दो. उसकी बोली बता देगी कि वे कैसा व्यक्ति है, इसलिए जरूरी है कि आप सामने वाले का स्वभाव समझे. स्वभाव समझने का जब मौका नहीं मिलता और आगे जाकर जब असलियत सामने आती है तब हमे लगता है कि ये रिश्ता चल नहीं पायेगा.

इसलिए सिर्फ अच्छापन देखकर ही शादी नहीं की जाती. अच्छी चीजों से तो हर कोई प्यार करता है. वो प्यार थोड़ी है. अगर मेरे अंदर कोई अच्छाई है और कोई इंसान उसे पसंद कर रहा है, तो उस अच्छाई को तो पूरी दुनिया ही पसंद कर रही होगी तो उसमें ऐसी कौन सी खास बात है. मुझमें जो बुराई है उस चीज को भी कोई ठीक करे या उसको अपनाए तब मतलब आप उसके साथ रह सकते हैं. आगे जया किशोरी कहती हैं कि शादी कुछ दिन मिलना नहीं होता. शादी का मतलब हमे पूरे जीवन एक साथ एक कमरे में रहना है.

आज-कल के बच्चे संस्कार से हो रहे है दूर

कथावाचक जया किशोरी ने कहा कि आज कल के बच्चे संस्कार से दूर होते जा रहे है. जो बच्चे देखेंगे वहीं करेंगे, बच्चे जो देखते हैं वहीं सिखते है, बच्चे सुनते नहीं है. जया किशोरी ने कहा कि बच्चे के सामने जो आप करेंगे वहीं सिखेंगे. उन्होंने ने कहा कि लोग समय देखते है. बच्चों को संस्कार देना बहुत जरूरी है.

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लेखक के बारे में

Author: Radheshyam Kushwaha

Published by: Prabhat Khabar

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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