StripedFly Malware: 10 लाख से ज्यादा लोगों के फोन से पर्सनल डेटा चुरा चुका है मालवेयर, ऐसे बच सकते हैं आप

What Is StripedFly Malware ? साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई ने मालवेयर 'स्ट्राइप्डफ्लाई' के प्रति सचेत करते हुए कहा है कि इसने पिछले छह साल में दुनियाभर में दस लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है.

What Is StripedFly Malware ? साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई ने मालवेयर ‘स्ट्राइप्डफ्लाई’ के प्रति सचेत करते हुए कहा है कि इसने पिछले छह साल में दुनियाभर में दस लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है.

रूस की इकाई ने थाइलैंड के फुके में एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि शुरुआत में स्ट्राइप्डफ्लाई एक क्रिप्टोकरेंसी माइनर के रूप में काम कर रहा था, अब यह एक जटिल मालवेयर बन गया है, जो कई तरह से नुकसान पहुंचा रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है, कैस्परस्काई के विशेषज्ञों ने पहले से अज्ञात, अत्यधिक परिष्कृत स्ट्राइप्डफ्लाई मालवेयर का पता लगाया है. 2017 से इस वैश्विक पहुंच वाले मालवेयर ने 10 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मालवेयर हर दो घंटे में जानकारी चुराता है. यह साइट और वाई-फाई लॉगइन ब्योरे जैसे संवेदनशील आंकड़ों के साथ-साथ नाम, पता, फोन नंबर, कंपनी और नौकरी के बारे में व्यक्तिगत डेटा की चोरी करता है. इसके अलावा यह मालवेयर प्रभावित व्यक्ति के डिवाइस का स्क्रीन शॉट ले लेता है, और संबंधित व्यक्ति को इसका पता नहीं चलता है.

कैस्परस्काई के शोधकर्ताओं ने स्ट्राइप्डफ्लाई मालवेयर के हमले से बचने के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं. उन्होंने कहा, इसके हमले से बचने के लिए आपको अपनी ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लिकेशन और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करना चाहिए.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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