संयुक्त मोर्चा में फिर फंसा पेच, सीटों के बंटवारे पर माकपा ने अब कांग्रेस को दी नसीहत

Bengal Election 2021, Congress Left Alliance: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में कांग्रेस लेफ्ट और आईएसएफ ने मिलकर संयुक्त मोर्चा का गठन किया है. कांग्रेस और लेफ्ट ने अपने सीटों का एलान भी कर दिया है. पर पिछली विधानसभा की तरह कांग्रेस जिले की 16 में से पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारना चाहती हैं.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में कांग्रेस लेफ्ट और आईएसएफ ने मिलकर संयुक्त मोर्चा का गठन किया है. कांग्रेस और लेफ्ट ने अपने सीटों का एलान भी कर दिया है. पर पिछली विधानसभा की तरह कांग्रेस जिले की 16 में से पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारना चाहती हैं.

कांग्रेस के नादिया जिला अध्यक्ष असीम कुमार साहा ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पिछले विधानसभा चुनाव के लिहाज से जिले की विजयी सीटों पर और दूसरे स्थान पर विधानसभा क्षेत्र में अपने उम्मीदवार खड़े करना चाहते हैं. स्वाभाविक रूप से, कांग्रेस की इस मांग ने गठबंधन की जटिलता को बढ़ा दिया है.

क्योंकि, इस बार गठबंधन में एक नया राजनीतिक दल आईएसएफ शामिल हो गया है. लिहाजा कांग्रेस के इस रूख से जटिलताएं बढ़ रही हैं. हालांकि कांग्रेस की मांग से नाराज वामपंथी खेमे को उम्मीद है कि एक समाधान निकलेगा. कोलकाता से एक या दो दिन में, संयुक्त मोर्चा की ओर से जिले के उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी.

Also Read: Bengal Election 2021: फुरफुरा शरीफ के उर्स में जाना चाहतीं हैं ममता, पीरजादाओं ने कहा-दिखाए गये काले झंडे तो हम जिम्मेदार नहीं

तालिका घोषित नहीं होने के कारण निचले स्तर के कार्यकर्ता प्रचार करने में सक्षम नहीं हैं, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि कौन गठबंधन और किस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ेगा. पिछली विधानसभा में, कांग्रेस ने कृष्णगंज, कालीगंज, कृष्णानगर उत्तर, शांतिपुर और रानाघाट उत्तर पश्चिम में अपने उम्मीदवार उतारे थे. इनमें कालीगंज, शांतिपुर, रानाघाट उत्तर पश्चिम, इन तीन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी.

हालांकि वे विधायक चुनाव जीतेने के बाद तृणमूल कांग्रेस में चले गये थे. कृष्णानगर उत्तरी विधानसभा में भी कांग्रेस ने दूसरा स्थान हासिल किया. दूसरी ओर, कृष्णगंज विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार नित्यगोपाल मंडल तीसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, जिला नेतृत्व ने पहले ही प्रदेश नेतृत्व को सूचित कर दिया है कि वह पांच सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता है.

कृष्णगंज विधानसभा को छोड़कर, शेष चार सीटों में परिवर्तन स्वीकार नहीं किया जाएगा. माकपा के जिला सचिव सुमित डे ने कहा, पिछली बार की तरह ही सीटों की मांग करने का कोई मतलब नहीं है. गठबंधन के सहयोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है.

हमें भाजपा के खिलाफ सभी ताकतों को देखना चाहिए और तृणमूल कांग्रेस को महागठबंधन में जगह दी जानी चाहिए. इस बीच, वाम-कांग्रेस गठबंधन के कार्यकर्ता व्यावहारिक रूप से हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. क्योंकि उम्मीदवारों की सूची की घोषणा नहीं की गई है.

Posted By: Pawan Singh

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pawan kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >